10/07/2017
।।कलश स्थापना हुई।।

छपारा(सिवनी) म.प्र. में आचार्य श्री विद्यासागर जी के शिष्य मुनि श्री विमलसागर जी मुनिश्री अनंतसागर जी मुनिश्री धर्मसागर जी मुनिश्री अतुलसागर जी मुनिश्री भावसागार जी के सानिध्य में चातुर्मास कलश की स्थापना दिगम्बर जैन मंदिर छपारा में हुई प्रातः काल 2000 वर्ष प्राचीन भगवान महावीर स्वामी का रजत वेदी पर महामस्तकाभिषेक हुआ,शांतिधारा पूजन हुई दोपहर कलश यात्रा निकाली गई।
फिर मंगलाचरण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन हुआ आचार्य श्री की पूजन हुई ।
विश्व के प्रथम संयम स्वर्ण शास्त्र का विमोचन हुआ,रजत श्रुत स्तम्भ का विमोचन हुआ जो जयपुर से बनकर आया ताम्र पत्र का भी विमोचन हुआ जो जयपुर से बनकर आये पीतल ग्रन्थ 24×36 2×3 फिट का जो 8 किलो 500 ग्राम का है विश्व के प्रथम ग्रन्थ का विमोचन हुआ जिसमें आचार्य श्री विद्यासागर जी का चित्र बना हुआ है एवं श्रुत स्तम्भ बना हुआ है यह भारत के पूरे मंदिर में विराजमान किये जायेंगे ।
प्रथम कलश ई. बसंत जैन,ब्र. ई. अजय भैया पिंडरई
द्धितीय कलश राजकुमार, नीलेश कुमार निवेश जैन छपारा
तृतीय कलश स्वदेश जैन सौरभ जैन सौरभ हार्डवेयर क्रेशर
चतुर्थ कलश खेमचंद्र श्री बड़े बाबा गारमेंट जबलपुर

मुनिश्री विमल सागर जी ने कहा कि हमने चातुर्मास की स्थापना बड़े बाबा के चरनो में कर ली है ।
एक व्यक्ति जबलपुर के है ( बड़े बाबा गारमेंट जबलपुर वाले)
आचार्य श्री का कलश भी लेते है और यहां भी कलश लेने आ गए।
श्रावक और श्रवक का गठबंधन चलता है।
प्रभावना दर्शन से भी होती है
और प्रदर्शन से भी होती है।
भोजन में एक हिस्सा अतिथि का होता है ।
पहले अतिथि की प्रतीक्षा करने चाहिए फिर भोजन करना चाहिए।

समाचार प्रेषक
संयम जैन संकल्प
जैन मंदिर मीडिया प्रभारी
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