करोड़ो व्यक्ति में एक दानदाता होता है – मुनिश्री
दमोह 30-04-2019

दमोह ( मध्यप्रदेश) में *सर्व श्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के* शिष्य मुनि श्री  विमल सागर जी मुनि अनंत सागर जी मुनि श्री धर्म सागर जी मुनि श्री अचल सागर जी मुनि श्री भाव सागर जी महाराज  श्री दिगंबर जैन नन्हे मंदिर दमोह में विराजमान है प्रातः काल आचार्य श्री की पूजन में संगीतकार प्रथम जैन दमोह ने संगीतमयी प्रस्तुति दी। धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि आदिनाथ भगवान को छः माह बाद अक्षयतृतीया के दिन आहार की प्राप्ति हुई थी इसलिए इस दिन पूरे भारत में लोग पड़गाहन करते है। इक्षुरस (गन्ने का रस ) लिया था आहार में। सेकड़ो में पंडित होता है , हज़ारो में एक विद्वान होता है , लाखो में एक वक्ता होता है , करोडो में एक दाता होता है इसलिए पंचमकाल लगभग 18500 वर्ष तक साधू रहेंगे और आहार देने वाले भी रहेंगे इसलिए यह परंपरा बनी रहे इसलिए हमेशा दान देने में तत्पर रहना चाहिए। राजा श्रेयांश , राजा सोम ने सर्वप्रथम आहार दिया था हमे भी राजा श्रेयांश बनकर आहार देना चाहिए और प्रतिदिन जिनमंदिर में सौधर्म इंद्र बनकर अभिषेक
,शांतिधारा,पूजन,भक्ति करना चाहिए। भगवान् का अभिषेक भावना से स्वर्ण कलशो और रत्न की पांडुकशिला मानकर करे इससे पुण्य की बृद्धि होती है । कमेटी ने जानकारी दी कि 7 मई मंगलवार को अक्षयतृतीया पर 108 इक्षुरस के स्टाल लगाकर वितरण किया जाएगा।11 मई को नेमावर में दीक्षित मुनिश्री विमलसागर जी , मुनिश्री अनंतसागर जी , मुनिश्री धर्मसागर जी आदि मुनिराजों का दीक्षा दिवस मनाया जायेगा।

*मुनिसंघ की दिनचर्या प्रतिदिन इस प्रकार रहेगी*
प्रातः 5:30 बजे आचार्य भक्ति
प्रातः 5:45 बजे वनविहार
प्रातः6:30 बजे देव वंदना
प्रातः6:45 बजे स्वयंभूस्त्रोत्र कक्षा
प्रातः 8:00 बजे आचार्य श्री की पूजन
प्रातः8:15 बजे इष्टोपदेश प्रवचन
प्रातः9:15 मुनि संघ की आहारचर्या
दोपहर 11:30 मुनि संघ की ईर्यापथ भक्ति
दोपहर 12:00 बजे से 1:45 तक सामायिक
दोपहर 3:00 बजे से कक्षा
शाम6:00 प्रतिक्रमण/ देववंदना
शाम 6:30 आचार्यभक्ति ,आरती
शाम 6:45 मुनिश्री का उद्बोधन
रात्रि 7:30 बजे सामायिक

*प्रेषक*
सौरभ भारिल्ल दमोह 9407592902
रोहन कौशल दमोह 9630688805

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