संकलन:-
समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री108 विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री 108समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य
मुनि श्री 108भाव सागर जी महाराज
∆तीर्थ क्षेत्र महापवित्र होते हैं, अनादि तीर्थ हैअनंतानंत , तीर्थंकरो ने इन्हें पवित्र बनाया है,
∆इनकी महिमा, अपरंपार है,
इनकी वंदना करने से 50 भव भी धारण नहीं करने पड़ते हैं,
∆49 भव में मुक्ति प्राप्त कर लेता है इस महातीर्थ की वंदना करने वाला जीव
∆कल्याणक भूमियां मंगलकारी मानी जाती है
∆ इस महातीर्थ से 20 तीर्थंकर के साथ 86 अरब 488 कोडाकोडी150कोडी1027, करोड़ 38 लाख 70 हजार 323 मुनिराजों ने मोक्ष प्राप्त किया
∆इस महा तीर्थ की वंदना करने से 33 कोटि 235 करोड़ 74 लाख उपवास का फल मिलता है
∆इसकी वंदना करने से एक अरब 98 करोड़ 71 लाख उपवासों का फल प्राप्त होता है
∆जो चतुर्विध संघ सहित पदयात्रा करते हैं वह दो-चार भव में ही संसार से पार हो जाते हैं
∆इस पर्वत पर ऐसा कोई बाल बराबर क्षेत्र नहीं है की जहाँ से कोई ना कोई मुनि ने मोक्ष प्राप्त नहीं किया हो बाल बाल पर सिद्ध हुए हैं समस्त पर्वत ही सिद्ध भूमि है इसे सिद्धाचल भी कहते हैं
∆अयोध्या में प्रत्येक तीर्थंकर का जन्म होता है और सम्मेद शिखर जी से सभी तीर्थंकर मोक्ष प्राप्त करते हैं
∆हुडापसर्पणी काल के कारण श्री आदिनाथ भगवान कैलाश पर्वत से ,श्री वासुपूज्य भगवान चंपापर के मंदारगिरि से श्री नेमिनाथ भगवान गिरनार पर्वत से ,श्री महावीर भगवान पावापुरी से मोक्ष गए हैं
∆ मघवा चक्रवर्ती ने 32 लाख मनुष्यों के साथ वंदना की थी
∆सुप्रभ राजा ने , विभिन्न प्रकार के नृत्यगान , सहित उत्सव सहित
एक करोड़ मनुष्यों के साथ वंदना की थी
∆ राजा ललित दत्त ने 1करोड़ मुनिसंघ 42 लाख मनुष्यों के साथ वंदना की थी
∆सुप्रभ राजा ने 1अरब 85करोड़ मनुष्यों के साथ वंदना की थी
∆चांदसेन राजा ने 18 अक्षौहिणी प्रमाण मनुष्यों के साथ वंदना की थी
∆राजा हेमदत्त करोड़ भव्यो को लेकर यात्रा के लिए आये थे
∆आनंद सेन राजा ने 32 लाख भव्यों के साथ हर्ष पूर्वक वंदना की और महादान दिया था
∆राजा मेघरथ ने 32 लाख मनुष्यों के साथ वंदना की थी
∆ श्रीसुपार्श्वनाथ कूट की वंदना का फल 20 कूट की वदंना के बराबर बताया है
∆राजा भवदत्त ने चतुविध संघ सहित 33 करोड़ भव्यो के साथ वंदना
की थी
∆श्रीसुपार्श्वनाथ कूट की वंदना पूजन, परिक्रमा से उद्योदक राजा का कुष्ठ रोग ठीक हो गया था इसलिए वहां की मिट्टी पवित्र है
∆श्री आदिनाथ भगवान की कैलाश पर्वत कूट टोंक न.10
की वंदना करने से अनेक उपवास का फल मिलता है
∆श्री अजित नाथ भगवान की सिद्धवर कूट टोंक न. 22
की वंदना करने से 32करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री शभंवनाथ भगवान धवल कुट टोंक न. 14
- की वंदना करने से 42 लाख उपवास का फल मिलता है
∆श्री अभिनंदननाथ भगवान कीआनंद कूट टोंक न. 15 - की वंदना करने से 16लाख उपवास का फल मिलता है
∆श्री सुमतिनाथ भगवान की, अविचल कूट टोंक न 17 - की वंदना करने से1 करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री पद्मप्रभ भगवान की, मोहन कूट टोंक न 9
की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री सुपार्श्वनाथ भगवान की प्रभास कूट टोंक न 20
इस कूट की वंदना करने से 32करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री चंद्रप्रभ भगवान की, ललित कूट टोंक न 9
की वंदना करने से अनेक उपवास का फल मिलता है
∆श्री पुष्पदंतनाथ भगवान सुप्रभ कूट टोंक न 6
की वंदना करने से 1करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री शीतलनाथ भगवान की विद्युतवरकूट टोंक न 1
इस कूट की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री श्रेयांशनाथ भगवान की संकुल कूट टोंक न 5
की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है*
∆श्री वासुपूज्य भगवान की मंदारगिरि कूट टोंक न 14
- की वंदना करने से अनेक उपवास का फल मिलता है
∆श्री विमलनाथ भगवान की सुवीर कूट टोंक न 21
की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है*
∆श्री अनंतनाथ भगवान की स्वयंप्रभ कूट टोंक न 12
- की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री धर्मनाथ भगवान कीच
सुदत्तवर कूट टोंक न 16
- की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री शांतिनाथ भगवान की कुंदप्रभ कूट न 18 टोंक
की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री कुंथुनाथ भगवान की ज्ञानधर कूट टोंक न 1
की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री अरनाथ भगवान की नाटक कूट टोक न 3
- की वंदना करने से 96 करोड उपवास का फल मिलता है*
∆श्री मल्लिनाथ भगवान की संबल कूट टोंक न 4
- की वंदना करने से 96 करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री मुनिसुव्रत नाथ भगवान की निर्जर कूट टोक न 8
“इस कूट की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री नमिनाथ भगवान की मित्रधर कूट टोंक न 2
की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री नेमिनाथ भगवान की गिरनार कूट टोंक न 23
की वंदना करने से अनेक उपवास का फल मिलता है
∆श्री पार्श्वनाथ भगवान की स्वर्णभद्र कूट टोंक न 24
की वंदना करने से 16 करोड उपवास का फल मिलता है
∆श्री महावीर स्वामी की पावापुर कूट टोंक न 20
- की वंदना करने से अनेक उपवास का फल मिलता है
श्री गौतम गणधर की टोंक
की वंदना करने से अनेक उपवास का फल मिलता है
