आगामी योजना मैटर सूची

जैनत्व की गौरव गाथा भाग 1, 2

जिन सरस्वती हिन्दी

णमोकार मन्त्र हीलिंग

सूतक संबंधी विशेष मैटर

आचार्य संघ दिनचर्या

आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज प्रवचन / स्वाध्याय /
ऑडियो एवं वीडीयो

साधुओं की वैयाव्रत्ति कैसे करें

सर्वश्रेष्ठ उद्ववोधन कैसा हो

आहार दान निर्देशिका M.B.A.C.

NENO POOJA

अधूरी कवितायें

सतर्क हो जायें अब नरकों का वर्णन

बीना 16/11/2020

मोक्ष कल्याणक महोत्सव दीपावली पर्व मनाया गया
राष्ट्रहित चिंतक,सर्वश्रेष्ठ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमलसागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी, मुनि श्री धर्म सागर जी, मुनि श्री अचल सागर जी, मुनि श्री भाव सागर जी, के सानिध्य में 15 नवंबर 2020 को श्री महावीर भगवान का मोक्ष कल्याणक दीपावली पर्व के साथ मनाया गया. प्रातः काल श्री जी का अभिषेक शांतिधारा, पूजन,निर्वाण लाडू अर्पण एवं चातुर्मास निष्ठापन के साथ संपन्न हुआ और मुनि श्री विमल सागर जी महाराज का उद्बोधन हुआ फिर चुनिंदा श्रावको को चातुर्मास कलश प्रदान किए गए लोगों ने दीपक जलाकर दीपावली मनाई

बीना 07/11/2020

नवीन मंदिर का भूमि पूजन हुआ
बीना पब्लिक स्कूल छोटी बजरिया बीना जिला सागर (मप्र) में चल रहे आयोजन जो
परम पूज्य दिगम्बर सरोवर के राजहंस आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के शिष्य
मुनि श्री विमलसागर जी
मुनि श्री अनंत सागर जी मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज मुनि श्री अचल सागर जी मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में यह आयोजन चल रहा है ब्रह्मचारी संजीव भैया कटंगी संदीप सरल सैलू भैया कटंगी अंकित भैया भिलाई विकास भैया रहली मनोज भैया गोटेगांव सौरभ भैया बीना के निर्देशन में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ
मुनिराजों के प्रवचन के प्रतिदिन प्रातः काल हुए , अभिषेक, शांतिधारा ,पूजन ,मुनि श्री के प्रवचन के पश्चात हवन हुआ इसके पश्चात श्री पारसनाथ दिगंबर जैन पंचायती नवीन मंदिर का भूमि पूजन हुआ दोपहर में श्री जी की शोभायात्रा छोटी बाजार से प्रारंभ होकर बड़ी बजरिया पहुंची

मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ससंघ सानिध्य में हुए प्रभावक कार्य (विशेष प्रभावना)

मुनि संघ के सानिध्य में मध्य प्रदेश के बेलखेड़, इटारसी,जबेरा,बांदकपुर,देवरी कला में प्रथम बार फिर झलौन,बिलहरा, घंसौर,गौरझामर में आचार्य श्री ससंघ के साथ एवं सागर में निर्यापक मुनि श्री योग सागर जी ससंघ के साथ एवं बांदरी,बरोदिया कला,खितौला,करेली,करकबेल,देवरी कला में दूसरी बार पंचकल्याणक संपन्न हुए मुनि संघ के सानिध्य,प्रेरणा,मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश के सिलवानी में मंदिर का शिलान्यास, गोपालगंज में पाषाण के विशाल जिनालय का भूमि पूजन,देवरी में विद्या विहार कॉलोनी में भूमि पूजन,खितौला में मंदिर का भूमि पूजन,तेंदूखेड़ा(पाटन) में विशाल मध्य प्रदेश का प्रथम मार्बल जिनालय का भूमि पूजन हुआ,पाटन में चंद्रप्रभु जिनालय के जीर्णोद्धार के लिए भूमि पूजन हुआ। शहपुरा भिटौनी में चंद्रप्रभु पंचायती मंदिर का भूमि पूजन और पिंडरई में पाषाण के जिनालय का भूमि पूजन हुआ छिंदवाड़ा में बड़े मंदिर का भूमि पूजन हुआ,गौरझामर में चंद्रप्रभु जिनालय के मार्बल के मंदिर का निर्माण कार्य जारी है एवं एमपी नगर में एक और पाषाण के मंदिर का भूमि पूजन हुआ करेली में जैसमलेर के विशाल जिनालय की भूमिका बनी। मुनि संघ के सानिध्य प्रेरणा, मार्गदर्शन में परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के 50वे मुनि दीक्षा दिवस पर दीक्षा के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इन नगरों में संयम कीर्ति स्तंभ बनाए गए जिसमें प्रमुख नगर है पिंडरई,केवलारी,सिवनी,छिंदवाड़ा,करेली, गौरझामर,तारादेही,तेंदूखेड़ा(पाटन) लखनादौन,मंडला,सिलवानी आदि है। मुनि संघ के सानिध्य में सिवनी मध्य प्रदेश में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के संयम स्वर्ण महोत्सव पर दिव्य ग्रंथ 120 ग्राम का शास्त्र बनाया गया और उसके साथ रजत शास्त्र,पीतल शास्त्र,ताम्रपत्र ग्रंथ बनवाए गए। खुरई जिला सागर मध्य प्रदेश में 700 वर्ष प्राचीन श्री आदिनाथ भगवान की 100 किलो चांदी से निर्मित बेदी की योजना बनाई गई। सकल दिगंबर जैन समाज देवरी के द्वारा 100 किलो चांदी से अधिक चांदी के रथ की योजना बनाई गई गौरझामर में भी रजत रथ की योजना बनाई गई। छपारा जिला सिवनी में भी रथ की योजना बनाई गई,छिंदवाड़ा गौशाला में विशाल मान स्तंभ का निर्माण हुआ। गौरझामर में आचार्य श्री विद्यासागर जी गौशाला का निर्माण हुआ,तेंदूखेड़ा(पाटन) गौशाला ने मुनि संघ के मार्ग दर्शन से मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मुनि श्री के अनेक स्थानों पर ग्रीष्मकालीन प्रवास हुए और शीतकालीन प्रवास हुए जिनसे पूरे भारतवर्ष के लोगों ने लाभ लिया।

राष्ट्रहित चिंतक आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महाराज की पावन प्रेरणा, आशीर्वाद एवं सक्रिय मार्गदर्शन में उन्हीं के दीक्षित ब्रह्मचारी भाइयों द्वारा संचालित भारत के 7 राज्यों में स्थापित अंबर चरखा, हथकरघा एवं हस्तशिल्प प्रशिक्षण एवं उत्पादन केंद्रों की सूची :-

?मध्य प्रदेश में ……..
जिला – सागर
सागर जेल – 54 हथकरघा
सागर (मकरोनिया) – 14 हथकरघा
बीनाजी बारह – 60 हथकरघा + 6 हथकरघा (छात्रों के घर पर) + 3 अंबर चरखा
मोहली -22 हथकरघा
चाँदपुर – 19 हथकरघा
राहतगढ़ – 2 हथकरघा
इटावा – 7 हथकरघा
जिला – दमोह
कुण्डलपुर – 40 हथकरघा + 36 हथकरघा (छात्रों के घर पर)
दमोह – 5 हथकरघा
परस्वाहा – 36 हथकरघा
तेंदूखेड़ा – 6 हथकरघा
जिला – जबलपुर
लमेटा – 27 अम्बर चरखा
पनागर – 2 हथकरघा
जिला – नरसिंहपुर
करेली – 9 हथकरघा
मोहास(करेली) – 1 हथकरघा
कल्याणपुर (करेली) – 1 हथकरघा
जिला – बालाघाट
वारासिवनी – 3 हथकरघा
जिला – मंडला
मंडला – 27 हथकरघा
जिला – डिंडोरी
डिंडोरी – 27 हथकरघा
जिला – टीकमगढ़
पपौरा जी – 7 हथकरघा + 2 हथकरघा (छात्रों के घर पर)
जिला – अशोकनगर
अशोकनगर – 40 हथकरघा
जिला – खरगोन
महेश्वर – 8 हथकरघा + 6 हथकरघा (बुनकर के घर पर)
?छत्तीसगढ़ में……..
जिला – बस्तर
जगदलपुर -15 हथकरघा
जिला – धमतरी
कुरूद (रायपुर) – 40 हथकरघा
?राजस्थान में……..
जिला – जयपुर
सांगानेर -10 सिलाई मशीन
जिला – अजमेर
अजमेर – 9 हथकरघा + 2 (सिलाई एंब्रॉयडरी मशीन)
जिला – टोंक
आवा – 17 हथकरघा + 5 अंबर चरखा
?उत्तर प्रदेश में……..
जिला – आगरा
आगरा जेल -18 हथकरघा
जिला – वाराणसी
बनारस जेल – 9 हथकरघा
जिला – मिर्जापुर
मिर्ज़ापुर जेल – 6 कालीन हथकरघा
?दिल्ली में……..
जिला – नई दिल्ली
तिहार जेल – 27 हथकरघा
?महाराष्ट्र में……..
जिला – वाशिम
कारंजा लाड -18 हथकरघा
जिला – औरंगाबाद
एल्लोरा – 13 हथकरघा + 11 सिलाई मशीन + 8 कड़ाई
औरंगाबाद- 5 हथकरघा
जिला – लातूर
मुरुड – 9 हथकरघा + 5 अंबर चरखा
निवळी- 7 हथकरघा
जिला – बीड
गेवराई- 15 हथकरघा + 10 अंबर चरखा
जिला – नांदेड
कंधार(नांदेड) – 7 हथकरघा
जिला – हिंगोली
शिरडशहापुर – 27 हथकरघा + 25 हथकरघा (छात्रों के घर पर)
जिला – उस्मानाबाद
कुंथलगिरी – 11 हथकरघा + 11 हथकरघा (छात्रों के घर पर) + 25 अंबर चरखा + 3 सिलाई मशीन
जिला – जालना
जालना- 5 हथकरघा + 10 अंबर चरखा
दहिघावन- 5 हथकरघा
देवघेवरा- 2 हथकरघा
जिला – परभणी
जिंतूर – 9 हथकरघा
सेनगाव – 2 हथकरघा
जिला – ठाणे
मुम्ब्रा (ठाणे) – 13 हथकरघा
जिला – कोल्हापुर
शेडशाळ – 1 हथकरघा
हेर्ले – 5 हथकरघा
उदगाव- 2 हथकरघा
कवटेसार- 1 हथकरघा
शिरटी- 1 हथकरघा
येद्राव- 1 सिलाई मशीन
कुरुंदवाड- 3 सिलाई मशीन
नांदनी- 1 सिलाई मशीन
रुकडी- 1 सिलाई मशीन
जैसिंगपुरे – 2 सिलाई मशीन
खोतवाडी- 1 सिलाई मशीन
कोरोची- 1 सिलाई मशीन
मजले- 1 सिलाई मशीन
तुंग – 1 सिलाई मशीन
जिला – पुणे
पुणे – 2 हथकरघा
जिला – सांगली
ढवली- 3 हथकरघा
सांगली- 1 सिलाई मशीन
समदोली- 2 हथकरघा
नआंद्रे – 3 सिलाई मशीन
बेडग – 1 सिलाई मशीन
जिला – नागपुर
नागपुर – 7 हथकरघा + 24 अंबर चरखा
जिला – अहमदनगर
कोपरगाव – 17 हथकरघा + 1 हथकरघा (छात्र के घर पर) + 1 पैठनी साड़ी की मशीन
?कर्नाटक में……..
जिला – बेलगांव
जुगुल – 36 कड़ाई मशीन + 8 सिलाई मिशन
सदलगा – 26 हथकरघा
उगार- 1 सिलाई मशीन
बोरगाव- 2 सिलाई मशीन
चांदुर- 3 सिलाई मशीन
जिला – धारवाड़
धारवाड – 1 सिलाई मशीन
नोट – लगभग सभी बड़े केंद्रों में एक या दो ताना बनाने की मशीन , कोन पलटी करने की मशीन आदि रहती ही है।
?बूंद बूंद के मिलने से, जल में गति आ जाए ।
सरिता बन सागर मिले सागर बूंद समाए।।?
आ० श्री विद्यासागर जी कृत दोहा

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पावन वर्षायोग 2020 हिंगोली (महाराष्ट्र)

आप सभी को बताते हुए बहुत हर्ष हो रहा है कि हम सभी के पुण्ययोग से परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य परम पूज्य 108 निर्यापक श्रमण मुनि श्री योगसागर जी महाराज एवं परम पूज्य मुनि श्री 108 अक्षयसागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास हिंगोली शहर में होने जा रहा है ।
रविवार 12 जुलाई 2020 को चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम आयोजित किया गया है ।
चरणानुयोग कलश व अक्षय पुष्प कलश बोली के माध्यम से दिया जाएगा ।
पुण्योदय कलश , भाग्योदय कलश ,दयोदय कलश, सर्वोदय कलश, तीर्थोदय कलश, धर्मोदय कलश, ज्ञानोदय कलश, सूर्योदय कलश, चंद्रोदय कलश इन सभी कलशों की राशि ₹ 2,51,000/- प्रति कलश रखी गई है ।
सम्यकदर्शन कलश ₹51,000/- (21 कलश)
सम्यकज्ञान कलश ₹21,000/- (21 कलश)
सम्यकचारित्र कलश ₹11,000/- (55 कलश)
इन सभी कलशों की बुकिंग शुरू है ।
आप शनिवार 11 जुलाई 2020 शाम 5 बजे तक अपने कलशों की बुकिंग करा कर पुण्य लाभ ले ।
धन्यवाद???
संपर्क
▪️ब्र. मनीष भैय्या 9770935987
▪️रत्नदिपक चवरे 9822221295
▪️चंद्रशेखर ( छोटू ) कान्हेड 9970778812
▪️उदय सोवितकर 9881275825
▪️प्रवीण कंदी 8830192377
▪️वंदना सोवितकर 9421082055
▪️केशवराव वरवंटे 9421859927
▪️आनंद सातपुते 9422877971
▪️राजकुमार बडजाते 7020584924

मुनि श्री 108 विमल सागर जी महाराज जी के द्वारा
श्री समयसार ग्रंथराज जी पर मंगल उद्धबोधन

13/07/2020 को प्रात: 8:30 से 9:30 तक यूट्यूब पर लाइव देखिए एवं अन्य वीडियो देखिए
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जिनधर्म JINDHARMA YOUTUBE चैनल पर
जरूर देखें और subscribe बटन पर क्लिक करें_
13/07/2020
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https://youtu.be/1mLrFY7foMM

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मुनि श्री 108 अनंत सागर जी महाराज जी के द्वारा
प्रतिदिन सुनिए
रत्नकरंडक श्रावकाचार ग्रंथ पर मंगल उद्धबोधन
दोपहर 3:30 से 4:30 तक यूट्यूब पर लाइव देखिए एवं अन्य वीडियो देखिए
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जिनधर्म JINDHARMA YOUTUBE चैनल पर
जरूर देखें और subscribe बटन पर क्लिक करें_
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https://youtu.be/TaBVpBLYH6E
प्रसारण सहयोगी
सोमिल जैन ललितपुर ,संजय जैन , अम्बर सिंघई (अजय म्यूजिक सेंटर बीना),राजीव जैन (बसाहरी) बीना ,अंकित मोदी बीना ,शिवा जैन करेली,तनिष्क जैन मानु,अक्षय जैन (ईलू) बीना।
विशेष निवेदन
यह लिंक पूरे विश्व के दिगंबर जैनों
तक पहुँचाए और विशेष पुण्य कमाये

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मुनि श्री 108 विमल सागर जी महाराज जी के द्वारा
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मुनि दीक्षा दिवस पर 26 जुलाई 2020 रविवार को प्रसारित हुए जिनवाणी चैनल पर कार्यक्रम देखिए यूट्यूब पर

विशेष गुरु मंत्र जाप आप देख कर दंग रह जाएंगे

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आयोजक
सकल दिगंबर जैन समाज एवं श्री १००८ पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन चौबीसी जिनालय मंदिर बड़ी बजरिया बीना जिला सागर(म. प्र.)
प्रेषक
अक्षय जैन (ईलू) बीना
8889961116
अंकित मोदी बीना
7828005005
वैभव मोदी बीना
7748829854
तनिष्क मानू जैन बीना
8461007771
अनिमेष जैन बीना
9399975776

जीवन दृष्टि

मुनि श्री विमल सागर जी महाराज जीवन दृष्टि

आपका पूर्व नाम रहा है बाल ब्रहमचारी बृजेश जैन
 जन्म स्थान रहा है बरोदिया जिला सागर{ मध्य प्रदेश} ( बाद में निवास ललितपुर उत्तर प्रदेश रहा )
पिता स्व. श्री कपूरचंद जी और माता श्री.. श्रीमती गोमती बाई जी
 की पांचवी संतान के रूप में आपका जन्म मंगलवार 15 अप्रैल 1975 चैत्र बदी 4 विक्रम संवत 2032 को हुआ उन्हें 3 बड़े भाइयों और एक बड़ी बहन तथा छोटी बहन के साथ बचपन किशोरावस्था और युवावस्था तक पहुंचने का प्यार दुलार मिला 
हायर सेकेंडरी ,शास्त्री (प्रथम वर्ष )तक की शिक्षा प्राप्त की आपने भाग्योदय तीर्थ सागर में 28 अप्रैल 1998 वैशाख शुक्ल 6 को 23 वर्ष की आयु में ब्रह्मचर्य व्रत धारण कर लिया और आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से 22 अप्रैल 1999 गुरुवार वैशाख शुक्ल 7 को
 श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र नेमावर जी मध्य प्रदेश में सीधे मुनि दीक्षा लेकर मुनि श्री विमल सागर जी महाराज बने
मुनि श्री विमल सागर जी महाराज ने अनेक मांगलिक कार्य संपन करवाएं  जिनमें अनेक विधान, अनेक वेदी प्रतिष्ठा ,शिलान्यास, पाठशाला ,पंचकल्याणक आदि शामिल है मुनि श्री की प्रेरणा से मंडला ,छपारा, छिंदवाड़ा ,गोटेगांव ,करेली, देवरी, गौरझामर आदि स्थानों पर अभिषेक के दिव्य कलश  और शांति धारा की दिव्य झारी का निर्माण हुआ है और पिंडरई ,केवलारी, सिवनी ,चौरई, छिंदवाड़ा, मंडला, घंसौर ,गौरझामर, धनोरा, सिलवानी, बिलहरा आदि स्थानों पर संयम कीर्ति स्तंभ का निर्माण हुआ
सन 2009 में बेलखेड़ा मध्य प्रदेश, 
सन 2012 जबेरा मध्य प्रदेश ,
सन 2012 बांदकपुर मध्य प्रदेश,
इटारसी मध्य प्रदेश,
 सन 2014 देवरी मध्य प्रदेश,
सन 2015 गौरझामर मध्य प्रदेश,
 झलौन, बिलहरा  जिनमें  25000 से 40000 की जनता रही है और चार्टर वायु यान के द्वारा पांचो पंचकल्याणक में पुष्प वर्षा हुई ।
सन 2018-2019 में सागर, बांधरी, बरोदिया, खितोला (सिहोरा), करेली एवं करकबेल, सन 2020 देवरी में भी पंचकल्याणक हुए ।
आपके चतुर्मास 1999 इंदौर, सन 2000 अमरकंटक ,
सन 2001 जबलपुर ,
सन् 2002 नेमावर, 
सन 2003 अमरकंटक,
 सन 2004 जबलपुर ,
सन 2005 बीना बारह ,
 सन 2006अमरकंटक,
 सन 2007 बीना बारह   
यह आचार्य श्री के साथ चातुर्मास हुए इसके बाद
 2008 बेगमगंज,
 2009 सागर ,
2010 बरेली ,
2011 रहली ,
2012 शाहपुर,
 2013 देवरी,
 2014 पनागर ,
2015 तेंदूखेड़ा ,
2016 मंडला ,
2017 छपारा ,
2018 गौरझामर
और *2019 करेली आदि में हुए।
आपके मार्गदर्शन में 50 से भी अधिक स्थानों पर तत्वार्थ सूत्र ,द्रव्य संग्रह, भक्तांमर, रत्नकरंड श्रावकाचार, इष्टोपदेश आदि ग्रंथ ताम्रपत्र पर उत्कीर्ण हुए हैं
आपको तत्वार्थ सूत्र ,भक्तामर, सहस्रनाम आदि कंठस्थ है आपको सिद्धांत ,अध्यात्म व्याकरण एवं अनेक विधाओं में महारथ हासिल है आप मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के ग्रहस्थ जीवन के मौसी के लड़के है। आपकी ग्रहस्थ जीवन की चचेरी बहन आर्यिका श्री 105 अनुगम मति माताजी हैं ।
मुनि श्री के उपवास की साधना ऐसी है
कि मुनि श्री पूर्व में 6 उपवास चार उपवास दो उपवास एक आहार एक उपवास लगातार कर चुके हैं ।

मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज जीवन दृष्टि 

आपका पूर्व नाम रहा है बाल ब्रहमचारी मनोज जैन
जन्म स्थान रहा है ललितपुर उत्तर प्रदेश ।
पिता स्व. श्री कपूरचंद जी और माता श्री स्व. श्रीमती धोका बाई हैं। आपका जन्म रविवार 28 मार्च 1971 चैत्र शुक्ल 2 को हुआ उन्हें 2 बड़े भाइयों का एवम् 4 बड़ी बहनों का युवावस्था में पहुंचने तक प्यार दुलार मिला, साथ ही महाराज श्री के गृहस्थ जीवन के भाई मुनि श्री 108 भाव सागर जी है जो कि आचार्य भगवान से ही दीक्षित हैं ।
हाई स्कूल तक शिक्षा प्राप्त की, आपने भाग्योदय तीर्थ सागर में 28 अप्रैल 1998 वैशाख शुक्ल 6 को लगभग 27 वर्ष की आयु में ब्रह्मचर्य व्रत धारण कर लिया और आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से 22 अप्रैल 1999 गुरुवार वैशाख शुक्ल 7 को
 श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र नेमावर जी मध्य प्रदेश में सीधे मुनि दीक्षा लेकर मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज बने
मुनि श्री ने अनेक मांगलिक कार्यों में सानिध्य प्रदान किया, जिनमें विधान, वेदी प्रतिष्ठा ,शिलान्यास, पाठशाला ,पंचकल्याणक आदि शामिल है ।
सन 2012 जबेरा मध्य प्रदेश ,
सन 2012 बांदकपुर मध्य प्रदेश,
इटारसी मध्य प्रदेश,
 सन 2014 देवरी मध्य प्रदेश,
सन 2015 गौरझामर मध्य प्रदेश,
 झलौन, बिलहरा  जिनमें  25000से 40000 की जनता रही है और चार्टर वायु यान के द्वारा पांचो पंचकल्याणक में पुष्प वर्षा हुई ।
सन 2018-2019 में सागर, बांधरी , बरोदिया, खितोला ( सिहोरा ) में , करेली, करकबेल , सन 2020 में देवरी में भी आपके सानिध्य में पंच कल्याणक हुए ।
आपके चातुर्मास 1999 इंदौर, सन 2000 अमरकंटक ,
सन 2001 जबलपुर ,
सन् 2002 नेमावर, 
सन 2003 अमरकंटक,
 सन 2004 जबलपुर ,
सन 2005 बीना बारह ,
 सन 2006अमरकंटक,
 सन 2007 बीना बारह   
सन 2008 रामटेक,
सन 2009 अमरकंटक
यह आचार्य श्री के साथ चातुर्मास हुए इसके बाद
2010 बरेली ,
2011 रहली ,
2012 शाहपुर,
 2013 देवरी,
 2014 पनागर ,
2015 तेंदूखेड़ा ,
2016 मंडला ,
2017 छपारा ,
2018 गौरझामर
2019 का चातुर्मास करेली में संपन्न हुए ।
आप अध्यात्म ,व्याकरण एवं अनेक विधाओं में प्रवीण हैं। आप अधिकांश मौन रहते हैं और आपकी कलम के द्वारा लेखन होता रहता है ।

मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज जीवन दृष्टि

आपका पूर्व नाम रहा है बाल ब्रहमचारी पंकज जैन
जन्म स्थान रहा है (रोंडा) ललितपुर उत्तर प्रदेश ।
पिता श्री विनोद कुमार जी और माता श्रीमती गोमती बाई हैं । आपका जन्म शुक्रवार 09 जुलाई 1976 आषाढ़ शुक्ल 13 को हुआ उन्हें 1 बड़े भाई का एवम् 2 बड़ी बहनों का युवावस्था में पहुंचने तक प्यार दुलार मिला,
बी. एस. सी (बायो), एम. ए (प्री), मैकेनिकल डिप्लोमा (रेडियो/टीवी) की शिक्षा प्राप्त की, आपने नेमावर सिद्ध क्षेत्र में 16 सितंबर 1997 को लगभग 21 वर्ष की आयु में ब्रह्मचर्य व्रत धारण कर लिया और आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से 22 अप्रैल 1999 गुरुवार वैशाख शुक्ल 7 को
 श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र नेमावर जी मध्य प्रदेश में सीधे मुनि दीक्षा लेकर मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज बने
मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज ने अनेक मांगलिक कार्यों में सानिध्य प्रदान किया, जिनमें विधान, वेदी प्रतिष्ठा ,शिलान्यास, पाठशाला ,पंचकल्याणक आदि शामिल है ।
 सन 2014 देवरी मध्य प्रदेश,
सन 2015 गौरझामर मध्य प्रदेश,
 झलौन, बिलहरा  जिनमें  25000 से 40000 की जनता रही है और चार्टर वायु यान के द्वारा पांचो पंचकल्याणक में पुष्प वर्षा हुई ।
सन 2018-2019 में सागर, बाँधरी, बरोदिया, खितोला (सिहोरा), करेली, करकबेल एवं सन 2020 में देवरी में भी पंचकल्याणक हुए ।
आपके चातुर्मास 1999 इंदौर, सन 2000 अमरकंटक ,
सन 2001 जबलपुर ,
सन् 2002 नेमावर, 
सन 2003 अमरकंटक,
 सन 2004 जबलपुर ,
सन 2005 बीना बारह ,
 सन 2006अमरकंटक,
 सन 2007 बीना बारह   
सन 2008 रामटेक,
सन 2009 अमरकंटक
2010 बीना बारह ,
2011 चंद्रगिरी ,
2012 चंद्रगिरी
2013 रामटेक
यह आचार्य श्री के साथ चातुर्मास हुए इसके बाद
 2014 पनागर ,
2015 तेंदूखेड़ा ,
2016 मंडला ,
2017 छपारा ,
2018 गौरझामर
और 2019 का चातुर्मास करेली मैं हुआ
आप अध्यात्म व्याकरण एवं अनेक विधाओं में प्रवीण हैं। आप अधिकांश मौन रहते हैं और आपकी कलम के द्वारा कविताओं आदि का लेखन होता रहता है ।

मुनि श्री अचल सागर जी महाराज जीवन दृष्टि

दीपावली के शुभ पर्व के दिन शनिवार 23 अक्टूबर 1976 कार्तिक कृष्ण 30 को सागर मध्य प्रदेश मे  श्री ज्ञान चंद जी जैन और श्रीमती अंगूरी देवी जैन के घर एक दीपक के रूप में प्रदीप का जन्म हुआ बड़ी बहन अल्पना और छोटी बहन बाल ब्रह्मचारिणी जूली जी(वर्तमान में आर्यिका श्री  श्रुतमति माता जी)  जो आर्यिका गुरु मति माताजी के संघ में है तथा छोटा भाई आलोक ग्रहस्थ जीवन मैं है। आपने बीकॉम तक की लौकिक पढ़ाई की है श्री प्रदीप जैन ने शनिवार 3 मार्च 2001 को सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में ब्रम्हचर्य व्रत धारण किया उन्होंने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से शनिवार 21 अगस्त 2004 को द्वितीय श्रावण शुक्ल छठ को दीक्षा धारण की  यह दिन  भगवान नेमिनाथ का जन्म तप कल्याणक भी है  स्थान था दयोदय तीर्थ गौशाला तिलवारा घाट जबलपुर आप का नामकरण मुनि श्री अचल सागर जी महाराज हुआ। प्रवचन के माध्यम से लोगों को उद्बोधन देते हैं शाकाहार के क्षेत्र में बहुत योगदान दिया है।
अनेक मांगलिक कार्यों में सानिध्य प्रदान किया, जिनमें विधान, वेदी प्रतिष्ठा ,शिलान्यास, पाठशाला ,पंचकल्याणक आदि शामिल है ।
 सन 2014 देवरी मध्य प्रदेश,
सन 2015 गौरझामर मध्य प्रदेश,
 झलौन, बिलहरा  जिनमें  25000 से 40000 की जनता रही है और चार्टर वायु यान के द्वारा पांचो पंचकल्याणक में पुष्प वर्षा हुई ।
सन 2018-2019 में सागर, बाँधरी, बरोदिया, खितोला (सिहोरा), करेली, करकबेल एवं सन 2020 में देवरी में भी पंचकल्याणक हुए ।
आपके चातुर्मास
 सन 2004 जबलपुर ,
सन 2005 बीना बारह ,
 सन 2006अमरकंटक,
 सन 2007 बीना बारह   
सन 2008 रामटेक,
सन 2009 अमरकंटक
2010 बीना बारह ,
2011 चंद्रगिरी ,
2012 चंद्रगिरी,
यह आचार्य श्री के साथ चातुर्मास हुए इसके बाद
2013 देवरी,
 2014 पनागर ,
2015 तेंदूखेड़ा ,
2016 मंडला ,
2017 छपारा ,
2018 गौरझामर
और 2019 करेली में हुआ।
आप अनेक विधाओं में प्रवीण हैं। आपके मार्गदर्शन व प्रेरणा से अनेक मंदिर, गौ-शालाओं का निर्माण हुआ है ।

मुनि श्री भाव सागर जी महाराज का जीवन दर्शन

ग्रहस्थ जीवन के दो सगे भाइयों ने एक ही आचार्य श्री से दीक्षित होने के बाद मुनि श्री के पद ग्रहण करने वाले और उदाहरण में मुनि श्री भाव सागर जी महाराज का असाधारण रूप हमारे समक्ष विद्यमान है उनके अग्रज आज मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज हैं प्रसंगवश स्वयं आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की ग्रहस्थ जीवन के उनके भी दो सगे भाई हैं मुनि श्री समय सागर जी और मुनि श्री योग सागर जी मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने ललितपुर उत्तर प्रदेश मैं निवासी स्वर्गीय श्री कपूर चंद जैन मोदी और स्व.श्रीमती धोखा बाई जैन मोदी कि 8वी और सबसे छोटी संतान के रूप में बुधवार 28 जुलाई 1976 श्रावण शुक्ल 2 भगवान सुमतिनाथ के गर्भ कल्याणक के दिन  जन्म लिया उन्हें अपने बड़े भाइयों विनोद स्व. कल्याण चंद्र और मनोज जी( जो वर्तमान में मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज हैं) और बड़ी बहनों राजकुमारी सुमन कुसुम और चंदा का प्यार दुलार मिला और उनका बचपन किशोरावस्था और युवक के रूप में निरंतर प्रतिभा संपन्न होता गया BA तक की पढ़ाई की और रेडियो टीवी कोर्स के बाद आपने TV सीरियल में भी कार्य किया है अग्रज भाई मनोज के( मुनि श्री अनंत  सागर महाराज) के रूप में दीक्षा ले लेना और संसार के उतार चढ़ाव को देखकर आपके मन में वैराग्य उत्पन्न हो गया और 23 अगस्त 2001 को उन्होंने दयोदय तीर्थ गौशाला तिलवारा घाट जबलपुर में ब्रम्हचर्य व्रत धारण कर लिया ब्रह्मचारी मनीष जी बनने के बाद उनकी सीधी मुनि दीक्षा हो गई  संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज और उन्होंने नव दीक्षित शिष्य को मुनि श्री भाव सागर जी महाराज का नाम देकर अलंकृत किया।
इनके द्वारा छोटे बड़े 22 पंचकल्याणक हुए और साधु जीवन दर्शन नामक एक पुस्तक आपके मार्गदर्शन मैं तैयार हुई ताम्रपत्र पर ग्रंथ उत्कीर्ण हुए 
स्वर्ण और रजत संबंधी अनेकों कार्य आपके माध्यम से हुए मुनि श्री सभी प्रकार के कार्यों में निपुण है और महाराज श्री से सभी श्रावक मार्गदर्शित होकर अपना कार्य कर रहे हैं।
अनेक मांगलिक कार्यों में सानिध्य प्रदान किया, जिनमें विधान, वेदी प्रतिष्ठा ,शिलान्यास, पाठशाला ,पंचकल्याणक आदि शामिल है ।
 सन 2014 देवरी मध्य प्रदेश,
सन 2015 गौरझामर मध्य प्रदेश,
 झलौन, बिलहरा  जिनमें  25000 से 40000 की जनता रही है और चार्टर वायु यान के द्वारा पांचो पंचकल्याणक में पुष्प वर्षा हुई ।
सन 2018-2019 में सागर, बाँधरी, बरोदिया, खितोला (सिहोरा),करेली,करकवेल एवं सन2020 में देवरी में भी पंचकल्याणक हुए ।
आपके चातुर्मास
 सन 2004 जबलपुर ,
सन 2005 बीना बारह ,
 सन 2006अमरकंटक,
 सन 2007 बीना बारह   
सन 2008 रामटेक,
सन 2009 बंडा,( आचार्य श्री की आज्ञा से पृथक चातुर्मास )
2010 बीना बारह ,
2011 चंद्रगिरी ,
2012 चंद्रगिरी
2013 रामटेक
यह आचार्य श्री के साथ चातुर्मास हुए इसके बाद
 2014 पनागर ,
2015 तेंदूखेड़ा ,
2016 मंडला ,
2017 छपारा ,
2018 गौरझामर
और
2019 का करेली मैं हुआ
आप अनेक विधाओं में प्रवीण हैं। आपकी कलम के द्वारा भजन, कविताओं , आरती आदि एवम् श्रावकों के विशेष विषयों पर लेखन होता रहता है ।

अनुष्ठान संबंधी जानकारी.

भारतीय संस्कृति में वृक्षों का अपना महत्वपूर्ण स्थान रहा है। आयुर्वेद के जनक महर्षि चरक ने भी वातावरण की शुद्धता के लिए विशेष वृक्षों का महत्व बताया है। अंततोगत्वा भूमि पर उत्पन्न होने वाले वृक्षों के आधार पर भूमि का चयन किया जाता है।
कांटेदार वृक्ष घर के समीप होने से शत्रु भय होता है। दूध वाला वृक्ष घर के समीप होने से धन का नाश होता है। फल वाले वृक्ष घर के समीप होने से संतति का नाश होता है। इनके काष्ठ भी घर पर लगाना अशुभ हैं। कांटेदार आदि वृक्षों को काटकर उनकी जगह अशोक, पुन्नाग व शमी रोपे जाएं तो उपर्युक्त दोष नहीं लगता है।
* पाकर, गूलर, आम, नीम, बहेड़ा तथा कांटेदार वृक्ष, पीपल, अगस्त, इमली यह सभी घर के समीप निंदित कहे गए हैं।
* भवन निर्माण के पहले यह भी देख लेना चाहिए कि भूमि पर वृक्ष, लता, पौधे, झाड़ी, घास, कांटेदार वृक्ष आदि नहीं हो।
* जिस भूमि पर पपीता, आंवला, अमरूद, अनार, पलाश आदि के वृक्ष अधिक मात्रा में हो वह भूमि, वास्तु शास्त्र में बहुत श्रेष्ठ बताई गई है।
* जिन वृक्षों पर फूल आते रहते हैं और लता एवं वनस्पतियां सरलता से वृद्धि करती हैं इस प्रकार की भूमि भी वास्तु शास्त्र में उत्तम बताई गई है।
* जिस भूमि पर कंटीले वृक्ष, सूखी घास, बैर आदि वृक्ष उत्पन्न होते हैं। वह भूमि वास्तु में निषेध बताई गई है।
* जो व्यक्ति अपने भवन में सुखी रहना चाहते हैं उन्हें कभी भी उस भूमि पर निर्माण नहीं करना चाहिए, जहां पीपल या बड़ का पेड़ हो।
* भवन के निकट वृक्ष कम से कम दूरी पर होना चाहिए ताकि दोपहर की छाया भवन पर न पड़े।
* सीताफल के वृक्ष वाले स्थान पर भी या उसके आसपास भी भवन नहीं बनाना चाहिए। इसे भी वास्तु शास्त्र ने उचित नहीं माना है, क्योंकि सीताफल के वृक्ष पर हमेशा जहरीले जीव-जंतु का वास होता है।
* जिस भूमि पर तुलसी के पौधे लगे हो वहां भवन निर्माण करना उत्तम है। तुलसी का पौधा अपने चारों ओर का 50 मीटर तक का वातावरण शुद्ध रखता है, क्योंकि शास्त्रों में यह पौधा बहुत ही पवित्र एवं पूजनीय माना गया है।

विवरण (1) 12/05/2020

मुनि श्री 108 विमल सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य / प्रेरणा /मार्गदर्शन से हुए
पंचकल्याणक महोत्सव सन् 2009 से 2020 तक

(1) 6 से 12 फरवरी 2010 , बेलखेड़ा जिला जबलपुर (मध्य प्रदेश)
सान्निध्य
मुनि श्री 108 विमल सागर जी, मुनि श्री 108 सुव्रत सागर जी, मुनि श्री 108 आगम सागर जी , मुनि श्री 108 विशद सागर जी, मुनि श्री 108 अतुल सागर जी
(2) 10 से 16 दिसंबर 2010 , इटारसी (मध्य प्रदेश)
सान्निध्य
मुनि श्री 108 अजित सागर जी ससंघ, मुनि श्री108 विमल सागर जी, मुनि श्री 108 अनंत सागर जी मुनि श्री 108 विशद सागर जी, ऐलक श्री 105 विवेकानंद सागर जी
(3) 29 नवंबर से 5 दिसंबर, 2011 जबेरा जिला दमोह (मध्य प्रदेश)
सान्निध्य
मुनि श्री 108 विमल सागर जी, मुनि श्री 108 अनंत सागर जी , मुनि श्री 108 विशद सागर जी
आर्यिका 105 तपोमति माताजी ससंघ,
आर्यिका 105 उपशांतमति माताजी ससंघ
(4) 03 से 08 फरवरी 2012, बांदकपुर जिला दमोह(मध्य प्रदेश)
सान्निध्य
मुनि श्री 108विमल सागर जी, मुनि श्री 108 अनंत सागर जी , मुनि श्री 108 विशद सागर जी,
आर्यिका 105 उपशांतमति माताजी ससंघ,
आर्यिका 105अपूर्वमति माताजी ससंघ
(5) 16 से 23 जनवरी 2014 , देवरी कलां जिला सागर (मध्य प्रदेश)
सान्निध्य
मुनि श्री 108 विमल सागर जी, मुनि श्री 108 अनंत सागर जी मुनि श्री 108 धर्म सागर जी, मुनि श्री 108 अचल सागर जी, मुनि श्री 108 भाव सागर जी,
(6) 31 जनवरी से 6 फरवरी 2014 ,झलौन जिला दमोह( मध्य प्रदेश)
सान्निध्य
मुनि श्री108 पवित्र सागर जी, मुनि श्री 108प्रयोग सागर जी (ससंघ) ,
मुनि श्री108 विमल सागर जी, मुनि श्री 108अनंतसागर जी , मुनि श्री 108 धर्मसागर जी, मुनि श्री 108 अचल सागर जी, एवं मुनि श्री 108 भावसागर जी,
(7) 16 से 21 फरवरी 2014, बिलहरा जिला सागर (मध्य प्रदेश) सान्निध्य
मुनिश्री 108विमल सागर जी, मुनि श्री 108 अनंत सागर जी, मुनि श्री 108 धर्म सागर जी मुनि श्री 108 अचल सागर जी एवं मुनि श्री 108भाव सागर जी
(8) 15 से 21 फरवरी 2015, घंसौर जिला सिवनी (मध्य प्रदेश) सान्निध्य मुनि श्री 108अजित सागर जी ससंघ, मुनि श्री108 विमल सागर जी, श्री 108 अनंत सागर जी, मुनि श्री 108 धर्म सागर जी मुनि श्री 108 अचल सागर जी, मुनि श्री 108अतुल सागर जी एवं मुनि श्री 108 भाव सागर जी,
आर्यिका 105 आदर्श मति माताजी ससंघ, आर्यिका105 अपूर्व मति माताजी ससंघ
ऐलक श्री 105विवेकानंद सागर जी
(9) 6 से 12 मार्च 2015, गौरझामर जिला सागर (मध्य प्रदेश)
परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ ( 38 मुनि)
(10) 8 से 14 दिसंबर 2018, भाग्योदय तीर्थ सागर (मध्य प्रदेश)सान्निध्य
मुनि श्री 108 योग सागर जी ससंघ, मुनि श्री 108 पवित्र सागर जी ससंघ मुनि श्री 108 निर्णय सागर जी ससंघ , मुनि श्री 108 अभय सागर जी ससंघ ,मुनि श्री 108 प्रयोग सागर जी,मुनि श्री 108 प्रभात सागर जी,मुनि श्री 108 संभव सागर जी, मुनि श्री 108पद्म सागर जी, मुनि श्री 108पूज्य सागर जी, मुनि श्री 108विमल सागर जी, मुनि श्री 108अनंत सागर जी, मुनि श्री 108धर्म सागर जी, मुनि श्री 108शैल सागर जी, मुनि श्री 108अचल सागर जी, मुनि श्री 108अतुल सागर जी, मुनि श्री 108भाव सागर जी, मुनि श्री 108निरीह सागर जी, मुनि श्री 108निस्सीम सागर जी एवं मुनि श्री 108शाश्वत सागर जी
आर्यिका 105ऋजुमति माताजी ससंघ,
आर्यिका105 गुणमति माताजी ससंघ,
आर्यिका 105अनंतमति माताजी ससंघ, आर्यिका 105अकंपमति माताजी ससंघ आर्यिका105 उपशांतमति माताजी ससंघ
(11) 20 से 26 जनवरी 2019, बांदरी जिला सागर (मध्य प्रदेश)सान्निध्य
मुनि श्री108 विमल सागर जी ,मुनि श्री108 अनंत सागर जी ,मुनि श्री 108धर्म सागर जी, मुनि श्री 108अचल सागर जी एवं मुनि श्री 108 भाव सागर जी,
आर्यिका 105अनंत मति माताजी ससंघ
(12) 30 जनवरी से 04 फरवरी 2019 ,बरौदिया कलां जिला सागर (मध्य प्रदेश)सान्निध्य
मुनि श्री108 विमल सागर जी ,मुनि श्री108 अनंत सागर जी ,मुनि श्री 108धर्म सागर जी, मुनि श्री 108 अचल सागर जी एवं मुनि श्री 108 भाव सागर जी
(13) 12 से 18 मार्च 2019, खितौला जिला जबलपुर (मध्य प्रदेश)सान्निध्य
मुनि श्री 108विमल सागर जी,मुनि श्री 108 अनंत सागर जी,मुनि श्री 108 धर्म सागर जी, अचल सागर जी एवं मुनि श्री 108भाव सागर जी
(14) 4 से 10 नवंबर 2019, करेली जिला नरसिंहपुर (मध्य प्रदेश)सान्निध्य
मुनि श्री 108विमल सागर जी,मुनि श्री 108अनंत सागर जी , मुनि श्री 108धर्म सागर जी, मुनि श्री 108अचल सागर जी एवं मुनि श्री 108भाव सागर जी
(15) 13 से 19 नवंबर 2019, करकबेल जिला नरसिंहपुर (मध्य प्रदेश)सान्निध्य
मुनि श्री 108विमल सागर जी, मुनि श्री 108अनंत सागर जी, मुनि श्री 108धर्म सागर जी, मुनि श्री 108अचल सागर जी एवं मुनि श्री 108भाव सागर जी
आर्यिका 105 श्री मृदुमति माताजी ससंघ,
आर्यिका श्री 105निर्णयमति माताजी ससंघ,
(16) 14 फरवरी से 20 फरवरी 2020, देवरी कलां जिला सागर (मध्य प्रदेश)सान्निध्य मुनि श्री108 प्रशांत सागर जी ससंघ, मुनि श्री108 निर्वेग सागर जी,
मुनि श्री108 विमल सागर जी ,मुनि श्री 108अनंत सागर जी ,मुनि श्री 108धर्म सागर जी, मुनि श्री 108अचल सागर जी, मुनि श्री 108भाव सागर जी एवं क्षुल्लक 105 देवानंद सागर जी।
लघु पंचकल्याणक
(1) …………..2013, गंज मंदिर देवरी कलां जिला सागर (मध्य प्रदेश)सान्निध्य
मुनि श्री108 विमल सागर जी,मुनि श्री 108अनंत सागर जी ,मुनि श्री 108अचल सागर जी
(2) ……….2014 , श्री दिगंबर जैन शांतिनाथ अतिशय क्षेत्र पनागर जिला जबलपुर (मध्य प्रदेश)सान्निध्य मुनि श्री108 विमल सागर जी, मुनि श्री 108अनंत सागर जी, मुनि श्री 108धर्म सागर जी ,मुनि श्री 108अचल सागर जी, मुनि श्री 108 अतुल सागर जी एवं मुनि श्री 108भाव सागर जी मुनि श्री 108 विशद सागर जी, ऐलक श्री 105 विवेकानंद सागर जी

? 05/08/2020 ?
उपवास के साधक


श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन चौबीसी जिनालय बड़ी बजरिया बीना जिला सागर (मध्य प्रदेश) मैं विराजमान .
सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य
मुनि श्री 108 भावसागर जी
महाराज का आज उपवास है।हम सभी भावना भाये की अनुकूलता बनी रहे । दिगम्बर जैन साधु की चर्या अद्भुत होती है धन्य है ऐसे उपवास के साधक इनके चरणों में अनंत बार नमन …?
नमनकर्ता
अक्षय जैन (ईलू) बीना
8889961116
अंकित मोदी बीना
7828005005
अनिमेष जैन बीना
9399975776
तनिष्क मानू जैन बीना
8461007771
सिद्धार्थ जैन बीना
919131224033

Argh

Tatvarth-Sutra

Jin-Puja-2020