न्यूज़ श्री सम्मेद शिखरजी19/02/2026
,
22 लाख वर्षों में करोड़ों की संख्या में दिगंबर मुनि हुए हैं
समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, का द्वितीय समाधि स्मृति महोत्सव, का द्वितीय चरण संपन्न हुआ
महासमाधिधारक परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज आर्यिका श्री ऋजु मति माताजी, आर्यिका श्री अनंत मति माताजी, आर्यिका श्री आदर्श मति माताजी की संघस्थआर्यिका सहित 61आर्यिका माताजी के सान्निध्य में , श्री सम्मेद शिखरजी , मध्य लोक
जिला गिरिडीह झारखंड में 19फरवरी2026 को,
समाधिस्थ परम पूज्य
*आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज द्वितीय, समाधि स्मृति महोत्सव , द्वितीय चरण संपन्न हुआ इसके अंतर्गत समाधिस्थ
परमपूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज आचार्य श्री छत्तीसी विधान,
, मंगलाचरण ,चित्र अनावरण, शास्त्र अर्पण,
दीप प्रज्वलन किया गया, आचार्य श्री विद्यासागर जी के चरणों का अभिषेक किया गया,
विद्या समय यात्रा संघ मुंबई की ओर से नि:शुल्क यात्रा, का प्रबंध किया गया था,
कार्यक्रम में भारत के कई नगरों के लोग शामिल हुए, मुंबई से आए 1040 लोगों ने अरघ समर्पित किये,इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए
आर्यिका दुर्लभमति माताजी ने कहाकि सदलगा के लोगों की आंखों में आंसू आ गए थे, आचार्य श्री के बारे में सुनकर, आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज ने कहा था कि चौथे काल के मुनि को देखना है तो मुनि श्री विद्यासागर जी को देखो, मढिया जी में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने 80 घंटे का ध्यान लगाया था,
आर्यिका श्रीविमल मति माताजी ने कहाकि, बड़े पुण्यशाली हैं जिन्होंने वंदना की है,
आर्यिका श्रीअनंत मति माताजी ने कहाकि गुरुदेव ने बहुत उपकार किए हैं,
आर्यिका श्री ऋजुमति माताजी ने कहाकि ,तीर्थ यात्रा करवाना महत्वपूर्ण कार्य होता है,
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने कहाकि *श्री सम्मेद शिखर जी की वंदना करने का फल*
बहुत अधिक प्राप्त होता है
तीर्थ क्षेत्र महापवित्र होते हैं, अनाद तीर्थ अनंतानंत , तीर्थंकरो ने इन्हें पवित्र बनाया है, इनकी महिमा, अपरंपार है,
उनकी वंदना करने से 50 भव भी धारण नहीं करने पड़ते हैं,
49 भव में मुक्ति प्राप्त कर लेता है इस महा तीर्थ की वंदना करने वाला जीव,
कल्याणक भूमियां मंगलकारी मानी जाती है,
20 तीर्थंकर के साथ 86 अरब 488 कोडाकोडी150कोडी1027, करोड़ 38 लाख 70 हजार 323 मुनिराजों ने मोक्ष प्राप्त किया, इस महा तीर्थ की वंदना करने से 33 कोटि 235 करोड़ 74 लाख उपवास का फल मिलता है, इस महापर्व की वंदना करने से एक अरब 98 करोड़ 71 लाख उपवासों का फल प्राप्त होता है,
जो चतुर्विध संघ सहित पदयात्रा करते हैं वह दो-चार भव में ही संसार से पार हो जाते हैं, मघवा चक्रवर्ती ने 32 लाख मनुष्यों के साथ वंदना की थी, सुप्रभव राजा ने एक करोड़ मनुष्यों के साथ वंदना की थी, राजा ललित दत्त ने 1करोड़ 42 लाख मनुष्यों के साथ वंदना की थी, सुप्रभ राजा ने 1अरब 85करोड़ मनुष्यों के साथ वंदना की थी,
चांदसेन राजा ने 18 अक्षौहिणी प्रमाण मनुष्यों के साथ वंदना की थी, श्री आदिनाथ भगवान की कैलाश पर्वत कूट टोंक न.10 की वंदना करने से अनेक उपवास का फल मिलता है,
श्री अजित नाथ भगवान की सिद्धवर कूट टोंक न. 22
- की वंदना करने से 32करोड उपवास का फल मिलता है
श्री शभंवनाथ भगवान धवल कुट टोंक न. 14 - की वंदना करने से 42 लाख उपवास का फल मिलता है,
श्री अभिनंदननाथ भगवान कीआनंद कूट टोंक न. 15
की वंदना करने से 16लाख उपवास का फल मिलता है,
श्री सुमतिनाथ भगवान की, अविचल कूट टोंक न 17
की वंदना करने से1 करोड उपवास का फल मिलता है,
श्री पद्मप्रभ भगवान की, मोहन कूट टोंक न 9 - की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है*
श्री सुपार्श्वनाथ भगवान की प्रभास कूट टोंक न 20
कूट की वंदना करने से 32करोड उपवास का फल मिलता है, श्री चंद्रप्रभ भगवान की, ललित कूट टोंक न 9
कूट की वंदना करने से अनेक उपवास का फल मिलता है*
श्री पुष्पदंतनाथ भगवान सुप्रभ कूट टोंक न 6
*कूट की वंदना करने से 1करोड उपवास का फल मिलता है,श्री शीतलनाथ भगवान की विद्युतवरकूट टोंक न 1 - कूट की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता हैश्री श्रेयांशनाथ भगवान की संकुल कूट टोंक न 5 कूट की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है,
श्री वासुपूज्य भगवान की मंदारगिरि कूट टोंक न 14 - कूट की वंदना करने से अनेक उपवास का फल मिलता है*
श्री विमलनाथ भगवान की सुवीर कूट टोंक न 21
कूट की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है,
श्री अनंतनाथ भगवान की स्वयंप्रभ कूट टोंक न 12 - कूट की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है,श्री धर्मनाथ भगवान की
सुदत्तवर कूट टोंक न 16 - कूट की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है*
श्री शांतिनाथ भगवान की कुंदप्रभ कूट न 18 टोंक
कूट की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है*
श्री कुंथुनाथ भगवान की ज्ञानधर कूट टोंक न 1
- कूट की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है*
श्री अरनाथ भगवान की नाटक कूट टोक न 3
की वंदना करने से 96 करोड उपवास का फल मिलता है
श्री मल्लिनाथ भगवान की संबल कूट टोंक न 4 - की वंदना करने से 96 करोड उपवास का फल मिलता है*
श्री मुनिसुव्रत नाथ भगवान की निर्जर कूट टोक न 8
“की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता* है*
श्री नमिनाथ भगवान की मित्रधर कूट टोंक न 2
- की वंदना करने से 1 करोड उपवास का फल मिलता है*
श्री नेमिनाथ भगवान की गिरनार कूट टोंक न 23
की वंदना करने से अनेक उपवास का फल मिलता है*
श्री पार्श्वनाथ भगवान की स्वर्णभद्र कूट टोंक न 24
- की वंदना करने से 16 करोड उपवास का फल मिलता है*
श्री महावीर स्वामी की पावापुर कूट टोंक न 20 - की वंदना करने से अनेक उपवास का फल मिलता है*
