भारत का सुंदर भविष्य गढा जाता है प्रतिभास्थली में

न्यूज़ गया 07/04/2026

भारत का सुंदर भविष्य गढा जाता है प्रतिभास्थली में

गुरुदेव हर कार्य विश्व के कल्याण के लिए करते थे

मुनि श्री समय सागर जी महाराज में आचार्य कुंदकुंद की छवि दिखाई देती है

समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज,
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज एवं आर्यिकाश्री अनंत मति माताजी, आर्यिकाश्री विमल मति माताजी, आर्यिकाश्री दुर्लभ मति माताजी, सहित 43आर्यिका माताजी के सान्निध्य में श्री दिगंबर जैन मंदिर गया जी (बिहार) में 7 अप्रैल2026 को प्रातः काल की बेला में मांगलिक क्रियाएं की गई ,
इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए आर्यिकाश्री दुर्लभमति माताजीने कहा कि
गुरु की छत्रछाया सद्भावना से यात्रा सानंद संपन्न हुई, आचार्य श्री के आशीर्वाद का अतिशय निराला है, परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने एक बार कहा था कि मुनि श्री समय सागर जी महाराज में आचार्य कुंदकुंद की छवि दिखाई देती है, आचार्य श्री की साधना की गूंज आज भी मौजूद है, मुनिराजो के आशीर्वाद से यह यात्रा सानंद संपन्न हुई,
आर्यिकाश्री अनंत मति माताजीने कहा कि यहां के मंदिरों के दर्शन करके हृदय कारगर हो गया, गुरुदेव कहते थे संयम धारण करने में मां की गोद जैसा आनंद आता है, गुरुदेव हर कार्य विश्व के कल्याण के लिए करते थे, प्रतिभास्थली संस्कृति का पोषण स्थल है, वहां भारत का सुंदर भविष्य गढा जाता है,
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने कहा कि आचार्य कुंदकुंद स्वामी के बाद सबसे ज्यादा आचार्य पद पर रहने वाले परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी रहे हैं ,

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