न्यूज़ वाराणसी 14 अगस्त 2026
,श्री सम्मेद शिखर जी की रक्षा के लिए पूरे भारत के लोगों को आगे आना चाहिए
महासमाधिधारक परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज एवं
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में श्री पारसनाथ दिगंबर जैन तीर्थ भेलूपुर वाराणसी उत्तर प्रदेश में 14 अगस्त 2026 को, मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुई धर्म सभा का आयोजन किया गया इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहां कि श्री सम्मेद शिखर जी की वंदना करने का फल बहुत अधिक प्राप्त होता है,
तीर्थ क्षेत्र महापवित्र होते हैं, अनाद तीर्थ अनंतानंत , तीर्थंकरो ने इन्हें पवित्र बनाया है, इनकी महिमा, अपरंपार है,
उनकी वंदना करने से 50 भव भी धारण नहीं करने पड़ते हैं,
49 भव में मुक्ति प्राप्त कर लेता है इस महा तीर्थ की वंदना करने वाला जीव,
कल्याणक भूमियां मंगलकारी मानी जाती है,
20 तीर्थंकर के साथ 86 अरब 488 कोडाकोडी150कोडी1027, करोड़ 38 लाख 70 हजार 323 मुनिराजों ने मोक्ष प्राप्त किया, इस महा तीर्थ की वंदना करने से 33 कोटि 235 करोड़ 74 लाख उपवास का फल मिलता है, इस महापर्व की वंदना करने से एक अरब 98 करोड़ 71 लाख उपवासों का फल प्राप्त होता है,
जो चतुर्विध संघ सहित पदयात्रा करते हैं वह दो-चार भव में ही संसार से पार हो जाते हैं, मघवा चक्रवर्ती ने 32 लाख मनुष्यों के साथ वंदना की थी, सुप्रभव राजा ने एक करोड़ मनुष्यों के साथ वंदना की थी, राजा ललित दत्त ने 1करोड़ 42 लाख मनुष्यों के साथ वंदना की थी, सुप्रभ राजा ने 1अरब 85करोड़ मनुष्यों के साथ वंदना की थी,
चांदसेन राजा ने 18 अक्षौहिणी प्रमाण मनुष्यों के साथ वंदना की थी, आज कई लोगों ने इसको पिकनिक स्पॉट बना दिया है,
*श्री सम्मेद शिखर जी रक्षा आंदोलन जरूरी है
सम्मेद शिखर जी दिगंबर-श्वेतांबर जैन समाज के लिए विश्व की सबसे पवित्र भूमि है। यहाँ से अनंत आत्माओं ने मोक्ष प्राप्त किया है।
चरणों में द्रव्य नही चढ़ाएं , उसके लिए पात्र की व्यवस्था हो
,बंदरों के हमले और गंदगी रोकने के लिए टोंक सुरक्षित हों,
मंदिर जैसी निगरानी और गार्ड की व्यवस्था हो
.
इसे पिकनिक स्पॉट न बनने दें
– फोटो-वीडियो और फिल्मी गाने पर रोक लगे
. महिलाओं की सुरक्षा: माताओं-बहनों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम हों। हाईटेक व्यवस्था और तुरंत चिकित्सा की सुविधा हो।
. अपील: पूरे भारत में सभी नगरों में एक साथ, एक समय पर यह आंदोलन करना है। सभी संस्थाओं से सहयोग की अपील।
आह्वान:
“तीर्थ क्षेत्र की रक्षा के लिए जाप, अनुष्ठान जरूर करें”
ये आंदोलन जैन समाज की आस्था और तीर्थ की मर्यादा बचाने के लिए है। रक्षाबंधन पर एक राखी की राशि शिखरजी की रक्षा के लिए पूरे भारत को देना चाहिए,
संपूर्ण जानकारी हेतु देखें
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वेबसाईट :
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आयोजक -श्री दिगंबर जैन समाज काशी भेलूपुर वाराणसी( उत्तर प्रदेश),
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चातुर्मास स्थल:- श्री पार्श्वनाथ गर्भ, जन्म, तप कल्याणक भूमि दिगंबर जैन तीर्थ भेलूपुर वाराणसी( उत्तर प्रदेश)
संपर्क सूत्र
रानू भैया नोहटा
7879068125
संभव जैन भोपाल
62 60151350
- संयोजना नितिन जैन अरिहंत कंप्यूटर टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश)
-मो. 8226060609
