आपको ऐसा रंग लगे कि कभी छूटे नहीं

न्यूज गिरिडीह 03/03/2026

होली के रंगों से होती है
खतरनाक बीमारियां

आपको ऐसा रंग लगे कि कभी छूटे नहीं

मुनि श्री का कैशलौच संपन्न हुआ
,

महासमाधिधारक परम पूज्यू
आचार्य श्री 108विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री108 समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री108 धर्म सागर जी महाराज,
मुनि श्री 108भाव सागर जी महाराज , आर्यिका श्री105 अनंत मति माताजी, सहित 13आर्यिका माताजी श्री दिगंबर जैन मंदिर गिरिडीह झारखंड में विराजमान है ,3 मार्च 2026 को धर्म सभा का आयोजन किया गया, परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की पूजन की गई, शास्त्र अर्पण किए गए,मुनि श्री108 धर्म सागर जी महाराज,
मुनि श्री 108भाव सागर जी महाराज , आर्यिका श्री105 सुशील मति माताजी का कैशलौच संपन्न हुआ,
आर्यिका संघ की आहारचर्या संपन्न हुई,5 मार्च तक गिरिडीह में रुकने की संभावना है, इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज का मुनि दीक्षा दिवस 8 एवं 9 मार्च को पूरे विश्व में मनाया जाएगा आपको भी अपने नगर में मनाना है उसे दिन दोनों आचार्य महाराज की पूजन करें, सांस्कृतिक आयोजन करें, पौधॆरोपण करें ,जरूरतमंदों को आवश्यक सामग्री प्रदान करें, अष्टाहनिका पर्व के बाद देव फूलों के रंगों को एक दूसरे को लगाते हैं, रंगों का प्रयोग सावधानी से करना चाहिए क्योंकि इनमें केमिकल होते हैं जिनसे विभिन्न बीमारियां होती हैं,होली के दौरान इस्तेमाल होने वाले केमिकल युक्त रंगों से त्वचा, आंखों और श्वसन तंत्र से संबंधित कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। त्वचा रोग केमिकल रंगों से कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस , एक्जिमा, खुजली, जलन, चकत्ते और गंभीर मामलों में स्किन कैंसर का खतरा हो सकता है। रंगों में मौजूद कांच के कण और केमिकल से आंखों में संक्रमण, कॉर्निया को नुकसान, गंभीर जलन और अंधेपन तक की स्थिति पैदा हो सकती है।
सूखे रंगों ,गुलाल के महीन कण सांस के जरिए फेफड़ों में जाकर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
रंगों में मौजूद सीसा , पारा और क्रोमियम जैसे भारी तत्व किडनी और लीवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
दूषित पानी या रंगों के मुंह के जरिए शरीर में जाने से गैस्ट्रोएंटेराइटिस, दस्त, उल्टी और टाइफाइड जैसी बीमारियां हो सकती हैं। होली खेलने से पहले पूरे शरीर पर नारियल तेल या सरसों का तेल लगाएं।
आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनें
हमेशा हर्बल या प्राकृतिक रंगों का ही चुनाव करें।
हर्बल रंग घर पर बनाए
होली के रंगों से होने वाले नुकसान*होली का त्योहार रंगों का त्योहार है, लेकिन इन रंगों से हमारे शरीर और पर्यावरण को कई नुकसान भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि होली के रंगों से क्या-क्या नुकसान होते हैं,होली के रंगों में मौजूद केमिकल्स त्वचा पर एलर्जी, रैशेज, और जलन पैदा कर सकते हैं।-रंगों में मौजूद एसिड त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है,त्वचा पर रंगों के दाग लग सकते हैं जो मुश्किल से जाते हैं।होली के रंगों में मौजूद केमिकल्स आंखों में जलन, लालिमा, और संक्रमण पैदा कर सकते हैं,रंगों के कण आंखों में घुसकर कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आंखों में रंगों के दाग लग सकते हैं जो दिखने में खराब लगते हैं।होली के रंगों में मौजूद केमिकल्स बालों को रूखा, बेजान, और टूटने वाला बना सकते हैं। रंगों में मौजूद एसिड बालों की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है। बालों का रंग खराब हो सकता है और वे चमक खोते हैं।होली के रंगों में मौजूद केमिकल्स कपड़ों का रंग खराब कर सकते हैं- रंगों के दाग कपड़ों पर लगते हैं जो मुश्किल से जाते हैं,कपड़ों की गुणवत्ता खराब होती है और वे जल्दी खराब होते हैं।होली के रंगों में मौजूद केमिकल्स मिट्टी और पानी को प्रदूषित करते हैं- रंगों के कण वायुमंडल में फैलकर वायु प्रदूषण बढ़ाते हैं, रंगों के अवशेष नालियों और जल स्रोतों में जाकर जल प्रदूषण बढ़ाते हैं। होली खेलते समय त्वचा और आंखों को बचाने के लिए क्रीम, ग्लास, और कपड़े पहनें, प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें जो त्वचा और पर्यावरण के लिए सुरक्षित हों, रंगों को त्वचा और आंखों से दूर रखें,होली खेलने के बाद त्वचा और बालों को अच्छी तरह से साफ करें।इन सावधानियों को बरतकर आप होली के रंगों से होने वाले नुकसानों से बच सकते हैं और इस त्योहार का आनंद ले सकते हैं।

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    गुणायतन एवं श्रीसेवायतन परिवार
    श्री सम्मेद शिखरजी मधुबन जिला गिरिडीह(झारखंड)
    मुनि संघ प्रवास स्थल :-श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर गिरिडीह झारखंड
    आर्यिका संघ प्रवास स्थल :-श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बडामंदिर गिरिडीह (झारखंड)

संपूर्ण जानकारी हेतु संपर्क सूत्र
संभव जैन बेगमगंज 6260151350
रानू जैन नोहटा
7879068125
,मुकेश जैन गिरिडीह
9977307958
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गिरिडीह रेलवे स्टेशन पहुंच मार्ग:-श्री सम्मेद शिखर जी से 30 कि.मी.,
पारसनाथ स्टेशन से.60 किलोमीटर

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