द्वितीय समाधि स्मृति महोत्सव

श्री सम्मेद शिखरजी18/02/2026
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समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, का द्वितीय समाधि स्मृति महोत्सव मनाया गया

आचार्य श्री ने जो भी कार्य किये वह वर्ल्ड रिकॉर्ड बनते गए
महासमाधिधारक परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज आर्यिका श्री ऋजु मति माताजी, आर्यिका श्री अनंत मति माताजी, आर्यिका श्री आदर्श मति माताजी की संघस्थआर्यिका सहित 61आर्यिका माताजी के सान्निध्य में , श्री सम्मेद शिखरजी , पावन धाम
जिला गिरिडीह झारखंड में 15फरवरी2026 को,
समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज द्वितीय, समाधि स्मृति महोत्सव मनाया गया

समाधिस्थ
परमपूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री
की पूजन की गई, मंगलाचरण ,चित्र अनावरण, शास्त्र अर्पण,
दीप प्रज्वलन किया गया,
आर्यिका माताजी ने मत्रों का उच्चारण किया,
कार्यक्रम में भारत के कई नगरों के लोग शामिल हुए, इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए
आर्यिका श्रीनिर्मल मति माताजी ने कहाकि, गुरुदेव ने इस धरती को हरा भरा कर दिया था आचार्य श्री ने 2000 वर्ष पुराना इतिहास दोहराया चंद्रगुप्त जैसा उदाहरण पेश किया,
आर्यिका श्री स्वस्थ्यमति माताजी ने कहाकि, गुरुदेव के महान उपकार हैं,
आर्यिका श्री दिव्य मति माताजी ने कहाकि , गुरुदेव का मेरे ऊपर हमेशा वरदहस्त रहा,
आर्यिका श्री , संवेगमति माताजी ने कहाकि गुरु की तीन परिक्रमा लगाने के बाद लगता है तीन लोक की परिक्रमा हो गई,
आर्यिका श्री अनुत्तरमति माताजी ने कहाकि, गुरदेव चर्या र्की सुगंधि हमेशा रहेगी,

आर्यिका श्रीअनुभवमति माताजी ने कहाकि, आचार्य श्री को एकांत अच्छा लगता था,
आर्यिका श्री अचलमति माताजी ने कहाकि, गुरुदेव समाधि कैसे करना है यह सिखाकर गए हैं,

आर्यिका श्री अनंत मति माताजी ने कहाकि, गुरदेव की महिमा अपरंपार है एक व्यक्ति ने कहा था कि गुरु जी में आकर्षण ऋद्धि है वह चुंबक की तरह थे,
आर्यिका श्री ऋजु मति माताजी ने कहाकि, गुरुदेव हमेशा जागृत रहते थे,
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने कहाकि आचार्य श्री ने जो भी कार्य किये वह वर्ल्ड रिकॉर्ड बनते गए, गुरुदेव की गाथा युगों युगों तक स्वर्ण
अक्षरों में लिखी जाएगी

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