न्यूज श्री सम्मेद शिखरजी 15/02/2026
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, श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान की मांगलिक क्रियाएं की गई
- पूजन की पंक्ति सुनकर आंखों में आंसू आ गए
समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, के चरण चिह्न की प्रतिष्ठा संपन्न हुई
महासमाधिधारक परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज आर्यिका श्री ऋजु मति माताजी, आर्यिका श्री अनंत मति माताजी, आर्यिका श्री आदर्श मति माताजी की संघस्थआर्यिका सहित 61आर्यिका माताजी के सान्निध्य में , 15 फरवरी 2026 को श्री सम्मेद शिखरजी , पावन धाम
जिला गिरिडीह झारखंड में 15फरवरी2026 को, श्री सिद्ध चक्र महामंडल की मांगलिक, क्रियाएं की गई ,अभिषेक , शांतिधारा, आदि मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुई, विश्व में प्रथम बार नए तरीके से आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की पूजन की गई, समाधिस्थ
परमपूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, चरण चिन्ह जो जयपुर से आए उनकी प्रतिष्ठा संपन्न हुई, यह चरण चिन्ह अलीगढ़ उत्तर प्रदेश में विराजमान होंगे 108 विशिष्ट मंत्रों द्वारा अभिषेक किया गया, 108 द्रव्य से पूजन की गई, प्रथम बार अनेक आर्यिका माताजी ने मत्रों का उच्चारण किया,
कार्यक्रम में भारत के कई नगरों के लोग शामिल हुए,
, कमेटी ने बताया कि
22फरवरी 2026 रविवार को प्रातः 08 :15बजे श्री सम्मेद शिखर जी की टोक पर
श्री मल्लिनाथ भगवान के चरण का अभिषेक, लाडु अर्पण के साथ मनाया जाएगा
इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए माताजी आर्यिका श्री ऋजु मति माताजी, ने कहा कि गुरुदेव परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चरण चिह्न की प्रतिष्ठा देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, मुनि श्री भाव सागर जी महाराज जी ने कहा कि गुरुदेव हमारे बीच में नहीं है लेकिन उनके चरण चिह्न के दर्शन करके,पूर्ति हो जाती है,

