झुमरी तिलैया कोडरमा न्यूज़ 15/05/2026
श्री शांतिनाथ भगवान के जन्म, तप,मोक्ष कल्याणक महोत्सव विश्व शांतिधारा दिवस धूमधाम से मनाया गया
दुनिया की सबसे सुंदर वेदी बनाई जाएगी
समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज,
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सान्निध्य में 15मई2026 को प्रातः काल की बेला में श्री दिगंबर जैन नयाएवं बडा मंदिर झुमरी तिलैया कोडरमा झारखंड में श्री शांतिनाथ भगवान के जन्म, तप,मोक्ष कल्याणक महोत्सव विश्व शांतिधारा दिवस पर
विशेष मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुई,
महिला वर्ग एवं पुरुष वर्ग ने शास्त्र अर्पण का सौभाग्य प्राप्त किया,
नये मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा, पूजन,निर्वाण लाडू अर्पण किया गया फिर बडे मंदिर में
श्री शांतिनाथ भगवान की विशाल प्रतिमा का महामस्तका भिषेक, विशिष्ट मंत्र शांतिधारा, संपन्न हुई पूजन,निर्वाण लाडू अर्पण किये गए,
इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए
मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज ने कहा कि शांतिप्रदाता श्री शांतिनाथ भगवान के कल्याणक मना रहे हैं, पुण्यशाली हुए हैं जिन्होंने एक साथ तीन पदों को धारण किया, अकृतिम सौंदर्य के धारी रहे हैं, चक्रवर्ती हुए, जन्म लेना उनका सार्थक माना जाता है, जन्म या अजन्मा
बनने के लिए, वैराग्य अभय प्रदाता है, भगवान मंजिल की ओर कदम बढाते चले गए, अंत में आत्म कल्याण करके मोक्ष प्राप्त किया, मोक्ष में अपार शांति है आकुलता नहीं है, इच्छाओं की शांति करोगे तभी शांति मिलेगी, भगवान ने अपनी इच्छाओं को शांत किया था, उनका महोत्सव हमने आज मनाया है,
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने कहा कि श्री शांतिनाथ भगवान के जन्म, तप, मोक्ष कल्याणक पूरे विश्व में धूमधाम से मनाये गये,मोक्ष
कल्याणक सबसे अंतिम और सर्वोच्च है। यह वह दिन है जब आत्मा कर्मों के बंधन से मुक्त होकर सिद्ध गति को प्राप्त करती है।मोक्ष कल्याणक हमें संसार से विरक्ति और आत्मा की स्वतंत्रता की ओर प्रेरित करता है। यह हमें बताता है कि तप, संयम और शुद्ध आचरण से प्रत्येक जीव सिद्ध अवस्था को प्राप्त कर सकता है। झारखंड के श्रीदिगबरजैन मंदिर देवघर में दुनिया की सबसे सुन्दर वेदी बनाई जाएगी, यह गुरु शिष्य मंदिर होगा जिसमें
समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज एवं
समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चरण चिह्न स्थापित होंगे, मूकमाटी ग्रंथ को
ताड़पत्र पर उत्कीण करके विराजमान किया जाएगा, इसका सौभाग्य पाटनी परिवार आर. के. मार्बल,वंडर सीमेंट परिवार किशनगढ़ राजस्थान को प्राप्त हुआ,
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रानू जैन नोहटा7879068125
संतोष (मंदिर व्यवस्थापक) 7631157819
दीपक व्यवस्थापक
7294853537












