जल बचेगा तो कल बचेगा

न्यूज़ गया 03/04/2026

जल बचेगा तो कल बचेगा

जल बेकार में बहने से जल की कमी होती है

समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज,
मुनि श्री भाव सागर जी के सानिध्य में में श्री दिगंबर जैन मंदिर गया जी (बिहार) में 3 अप्रैल2026 को प्रातः काल की बेला में मांगलिक क्रियाएं की गई , आर्यिकाश्री अनंतमति माताजी, सहित 43 आर्यिका माताजी का आगमन इसी सप्ताह में होने की संभावना है, वर्तमान मेंआर्यिका माताजी राजगीर ने विराजमान है,000 माता जी के आगमन को लेकर नगर में तैयारियां की जा रही है,
इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए
*मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि ,
जल जीवन का एक अनिवार्य तत्व है। हमारे शरीर का लगभग 60-70% हिस्सा जल से बना होता है, और यह हमारे जीवन के हर पहलू में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जल के बिना, जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।जल हमारे शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है, और हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है,जल पर्यावरण को स्वच्छ और शुद्ध रखता है।- जल की कमी एक बडी समस्या है,जल प्रदूषण भी एक बड़ा खतरा है, जो हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। जल के संरक्षण के लिए हमें जागरूक होना होगा और जल के उपयोग को कम करना होगा।जल को बचाने के लिए हमें जल के उपयोग को कम करना होगा,जल के स्रोतों को प्रदूषित नहीं करना चाहिए,जल संचयन के लिए हमें वर्षा जल संचयन जैसे तरीकों को अपनाना चाहिए, पानी की टंकी भरने के बाद भी व्यर्थ पानी बहता रहता है,पानी पीते समय अभी आधा गिलास भर कर देना चाहिए, सेविंग करते समय स्नान करते समय ध्यान रखना चाहिए, भोजन करते समय जूठा नहीं छोड़ना चाहिए,जल के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करना चाहिए।. जल बेकार में बहने से जल की कमी होती है, जिससे भविष्य में जल संकट हो सकता है। जल बेकार में बहने से जल प्रदूषण होता है, जिससे जल जीवों और मानव स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।
जल बेकार में बहने से भूमि का क्षरण होता है, जिससे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता कम होती है।
जल बेकार में बहने से बाढ़ की समस्या हो सकती है, जिससे जान-माल की हानि हो सकती है। जल बेकार में बहने से जल संचयन की कमी होती है, जिससे भविष्य में जल संकट हो सकता है। जल बेकार में बहने से आर्थिक नुकसान होता है, क्योंकि जल का उपयोग उद्योगों, कृषि और अन्य क्षेत्रों में नहीं किया जा सकता है।
जल बेकार में बहने से पर्यावरण पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है, जिससे वनस्पतियों और जीवों की जीवनशैली प्रभावित होती है।

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