पूरे देश के लोगों को जरूर यह कार्य जरूर करना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाना चाहिए
दोनों आर्यिका माताजी की घटना सबसे दुखद है
समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज,
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश21मई2026 को प्रातः काल की बेला में 50 वर्ष में प्रथम बार श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर हजारीबाग झारखंड में हुआ, इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए
मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज ने कहा कि एक दुखद घटना घटित हुई है आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी, आर्यिका श्री उपशममति माताजी का दुर्घटना में मरण हुआ यह पूरे देश के लिए दुखदाई घटना है, आर्यिका श्री श्रुत माताजी गृहस्थ अवस्था से परिचित थी, वह मुनि श्री अचल सागर जी महाराज जो हमारे साथ कई वर्षों तक रहे, उनकी गृहस्थ जीवन की वह बहन थी, उनसे चर्चा होती रहती थी, श्री सम्मेद शिखर जी की स्मृतियां आ रही हैं, महावीर जयंती 31 अप्रैल 2026 को गयाजी में वह साथ में थी, उसके बाद रीवा के लिए बिहार हो गया था, जो नहीं होना चाहिए था वह हो गया आकस्मिक समाधि मरण हुआ है, जन्म का तो समय फिक्स कर सकते हैं मरण का नहीं कर सकते हैं, कब मरण हो जाए पता नहीं, 13 फरवरी 2006 को कुंडलपुर सिद्ध क्षेत्र मध्य प्रदेश में उनकी दीक्षा हुई थी, परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षा ली थी, एक सप्ताह तक पद बिहार में आहारचर्या संपन्न साथ में हुई थी, रात्रि विश्राम अलग-अलग होता था, वह पहले हम दोनों महाराज जी के आहार करवाती थी फिर वह आहार करती थी, उनका लंबा प्रवास मिलता तो अच्छा रहता, उनके अंदर एक अच्छा व्यक्तित्व था, जो परोपकार के लिए जीते है वह विरले होते है, लगभग 20 वर्ष तक वह आयिका रही,
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने कहा कि
एक दुखद घटना घटित हुई है आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी, आर्यिका श्री उपशममति माताजी का दुर्घटना में मरण हुआ यह पूरे देश के लिए दुखदाई घटना है, पूरे देश के लोगों को सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाना चाहिए, जिससे कि पैदल चलने वालों को बायी और चलने के लिए कानून में संशोधन हो, केंद्र और राज्य सरकार को भी कानून में संशोधन करना चाहिए, हमारे साधु संत करोड़ों में एक होते हैं,दोनों माताजी सरल स्वभावी
थी,
यूट्यूब चैनल की वीडियो जरूर सुने
https://youtu.be/1hLfSnDC4r0?si=GEIbLt6kHOT3We67

