हजारीबाग 13/06/2026
आचार्य श्री ने समाधि की तैयारी ऐसे की थी
समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सान्निध्य में13 जून 2026 को प्रातः काल की बेला में श्री पारसनाथ दिगंबर जैन बाजार मंदिर हजारीबाग झारखंड में धर्म सभा का आयोजन किया जगया जिसकेअंतर्गत मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुई, समाधिस्थ परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चरण चिह्न के मोमेंटों का विमोचन महिला वर्ग एवं पुरुष वर्ग में सामूहिक रूप से किया, यह चरण चिह्न पूरे विश्व में पहुंचाये जाएंगे, सिंगापुर, लंदन, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे,मुंबई, आदि नगरों में घरों में विराजमान होंगे, 18 जून को गुरुवार के दिन गुरु पुष्य नक्षत्र में यह प्रदान किए जाएंगे,
धर्म सभा को संबोधित करते हुएमुनि श्री धर्म सागर जी महाराज ने बताया कि मांगलिक क्रियाएं उत्साह के साथ करना चाहिए,
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज ने कहाकि
समाधिस्थ परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की अनुमानित लगभग आयु गणना इस प्रकार है,
जन्म: 10/10/1946, शरद पूर्णिमा, रात्रि 11:30, सदलगा, जिला बेलगांव, कर्नाटक
मुनि दीक्षा: 30/06/1968, आषाढ़ शुक्ल पंचमी, दोपहर 3 बजे, अजमेर राजस्थान
आचार्य पद आसीन: 22/11/1972, मार्गशीर्ष कृष्ण 2, दोपहर 2:30, बजे नसीराबाद राजस्थान
भगवती आराधना ग्रंथ स्वाध्याय प्रारंभ: 22/03/2012, चैत्र कृष्ण अमावस्या, गुरुवार, दोपहर 3 बजे चंद्रगिरि डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़
आचार्य पद त्याग: 09/02/2024, दोपहर 2 बजे, चंद्रगिरि डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़
समाधि: 18/02/2024, माघ शुक्ल अष्टमी/नवमी, रात्रि 2:35, बजे चंद्रगिरि डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़
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गणना
1. जन्म से मुनि दीक्षा तक
काल: 10/10/1946 रात्रि 11:30 से 30/06/1968 दोपहर 3 बजे तक
सही: 21 वर्ष, 8 माह, 19 दिन, 15 घंटे, 30 मिनट
*
* मुनि दीक्षा से आचार्य पद तक
काल: 30/06/1968 दोपहर 3 बजे से 22/11/1972 दोपहर 2:30 बजे तक
सही: 4 वर्ष, 4 माह, 22 दिन, 23 घंटे, 30 मिनट
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आचार्य बनते समय आयु
काल: 10/10/1946 से 22/11/1972
**: *26 वर्ष, 1 माह, 11 दिन, 15 घंटे*
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* कुल आचार्य पद काल
काल: 22/11/1972 दोपहर 2:30 से 09/02/2024 दोपहर 2 बजे तक
सही: 51 वर्ष, 2 माह, 17 दिन, 23 घंटे, 30 मिनट
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. मुनि अवस्था का कुल काल
काल: 30/06/1968 से 18/02/2024 तक
: 55 वर्ष, 7 माह, 18 दिन
. भगवती आराधना प्रारंभ से समाधि तक
काल: 22/03/2012 दोपहर 3 बजे से 18/02/2024 रात्रि 2:35 बजे तक
**: *11 वर्ष, 10 माह, 26 दिन, 11 घंटे, 35 मिनट*
दिनों में: 4,348 दिन
घंटों में: 104,363 घंटे, 35 मिनट
सम्पूर्ण जीवन काल
काल: 10/10/1946 रात्रि 11:30 से 18/02/2024 रात्रि 2:35 बजे तक
**: *77 वर्ष, 4 माह, 7 दिन, 3 घंटे, 5 मिनट*
कुल दिन: 28,252 दिन
शुद्ध सार –
जन्म से मुनि दीक्षा 21 वर्ष, 8 माह, 19 दिन
मुनि दीक्षा से आचार्य पद 4 वर्ष, 4 माह, 22 दिन
आचार्य बनते समय आयु 26 वर्ष, 1 माह, 11 दिन
कुल आचार्य पद काल 51 वर्ष, 2 माह, 18 दिन
कुल मुनि अवस्था 55 वर्ष, 7 माह, 18 दिन
**भगवती आराधना से समाधि तक का काल ** 11 वर्ष, 10 माह, 26 दिन, 11 घंटे, 35 मिनट = 4,348 दिन
सम्पूर्ण जीवन काल 77 वर्ष, 4 माह, 7 दिन = 28,252 दिन
विशेष:
आचार्य श्री 21 वर्ष की आयु में मुनि बने और 26 वर्ष की आयु में आचार्य पद पर प्रतिष्ठित हुए।
आपने 51 वर्ष, 2 माह तक दिगंबर जैन समाज का आचार्य परमेष्ठी के रूप में नेतृत्व किया।
. 11 वर्ष, 10 माह, 27 दिन तक भगवती आराधना का स्वाध्याय कर सल्लेखना की तैयारी की।
यानी आचार्य श्री ने 12 वर्ष की संलेखना की तैयारी पहले से ही प्रारंभ कर दी थी, आचार्य कुंदकुंद स्वामी के बाद सबसे ज्यादा आचार्य पद पर रहने का सौभाग्य परम पूज्य आचार्य श्री को ही जाता है,
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