दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुई
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प्रभु की विनय करने से व्यक्ति ऊंचाइयों पर पहुंचता है
वाराणसी 17/09 /2026
समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सान्निध्य में
17सितंबर 2026 को प्रातः काल की बेला में श्री पारसनाथ दिगंबर जैन तीर्थ भेलूपुर वाराणसी उत्तर प्रदेश में दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत मांगलिक क्रियाए की गयी, अभिषेक, शांतिधारा पूजन विधान किया गया,
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धर्मसभा को संबोधित करते् हुए
मुनि श्री भाव सागर महाराज ने कहा कि धर्म की क्रियाएं एडवांस टेक्नोलॉजी से करें जिससे युवा पीढ़ी भी क्रिया कर सके, आज का धर्म मृदुता सिखाता है, प्रभु की विनय करने से व्यक्ति ऊंचाइयों पर पहुंचता है,मुनि श्री धर्मसागर महाराज ने कहा कि हम द्वितीय पायदान पर पहुंच गए हैं, मंजिल हमारे करीब आ रही है, मनुष्य मान कषाय का पुतला होता है, मद के कारण व्यक्ति बहुत कुछ करता है, धर्म विनय सिखाता है, पीठ पीछे प्रशंसा महापुरुषों की होती है, अभिमानी को भय भी सताता है, समर्पण से टाइटल मिल जाता है, बिना झुके ऊंचाइयों को प्राप्त नहीं कर सकते
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- 17 सितंबर 2026 कार्यक्रम की लिंक*
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17सितंबर 2026
मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज के प्रवचनकी लिंक
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17 सितंबर 2026 मुनि श्री भावसागर जी महाराज के प्रवचन एवं कार्यक्रमhttps://www.youtube.com/live/3N4QbwPntKA?si=PNQEPCIPa5Tdi5yK
की लिंक
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