न्यूज़ राजगीर 26/03/2026
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आचार्य पद आरोहण स्मृति महोत्सव पूरे विश्व सहित राजगीर में मनाया गया
मुनि संघ की पंच तीर्थ की यात्रा सानंद पूर्ण हुई
मंदिर में सर्प ने भी दर्शन किए
विदेशी यात्रियों ने भी दर्शन किए
समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज,
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज , के सानिध्य में26मार्च2026 को प्रातः काल की बेला में पांचवें, चौथे, तीसरे, पर्वत की वंदना पूर्ण हुई,चौथे पर्वत पर मंदिर में सर्प ने भी मुनिराजो के दर्शन किए, विदेशी यात्रियों ने भी दर्शन किए परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज का आचार्य पद आरोहण स्मृति महोत्सव पूरे विश्व सहित राजगीर में मनाया गया ,आचार्य श्री
की पूजन ,आरती की गई,
सांस्कृतिक आयोजन संपन्न हुए ,जरूरतमंदों को आवश्यक सामग्री ,फल ,औषधि वितरित, किए गये,
, विशेष मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुई, भारत के कई नगरों के लोग शामिल हुए, ज्ञात होकि मुनि संघ की पंच तीर्थ की पूर्ण हो गई है, आगे 29 मार्च के आसपास गया पहुंचेंगे, वहां महावीर जयंती का कार्यक्रम संपन्न होगा,
इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए
मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि , आचार्य श्री विद्यासागर जी ने पूज्य समय सागर जी महाराज को आचार्य पद प्रदान किया था,गुरु की महिमा को शब्दों की सीमा में नहीं बांधा जा सकता,गुरु सीमातीत होते है, गुणों के भंडार होते है, गुरु ही शिष्य के बुझे हुए दीप को प्रज्वलित कर सकते हैं,वह अंदर परमात्मा बनने की प्यास जगाते हैं, वह मोक्ष का ताला खोलना सिखाते हैं,गुरु कृपा से अनेक प्रकार के विद्या मंत्र सिद्ध हो जाते हैं ,वह आदर्श के देवता होते है,
गुरु निर्देशक जैसे होते हैं आचार्य श्री ने कई वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए थे,गुरुदेव ने बड़े-बड़े महान कार्य किए थे
