न्यूज़ गया 30/03/2026
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महावीर जयंती का प्रथम चरण संपन्न हुआ
*400 वर्ष प्राचीन प्रतिमा का महा मस्तकाभिषेक संपन्न हुआ
दुनिया के सभी दरवाजे जब बंद हो जाते हैं तो प्रभु का दरवाजा खुला रहता है
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समाधिस्थ परम पूज्य
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज,
मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में एवं आशीष जैन श्री जी तेंदूखेड़ा के निर्देशन में श्री दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर गया जी (बिहार) में 30मार्च2026 को महावीर भगवान (जयंती) जन्म कल्याणक महोत्सव,का(प्रथम चरण) प्रातः काल की बेला मेंसंपन्न हुआ जिसके अंतर्गत विशाल शोभा यात्रा नवीन जैन मंदिर से प्रारंभ होकर प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर तक निकाली गई,जिसमें महिलाएं पीले केसरिया वस्त्रो में ध्वजा लेकर चल रही थी,महावीर भगवान के नारों से पूरा परिसर गुंजायमन हो रहा था ,श्री दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर में मूलनायक भगवान सहित 400 वर्ष प्राचीन श्री अजितनाथ भगवान की प्रतिमा का महा मस्तकाभिषेक संपन्न हुआ*विशिष्ट मंत्रों से शांतिधारा की गई ,मांगलिक क्रियाएं की गई , श्री दिगंबर जैन नवीन मंदिर में
- परम् पूज्य आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज , परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चरणचिन्ह का 108 विशिष्ट कलशों से प्रथम बार अभिषेक संपन्न हुआ,
इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए
मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि , श्री महावीर भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया जा रहा है,महावीर भगवान के सिद्धांतों को अपनाकर हम अपने जीवन को व्यवस्थित कर सकते हैं, आज आधुनिकता की दौड़ में लोग परेशान हैं, सुख ,शांति,की प्राप्ति धार्मिक क्रियाओ से ही होती है, दुनिया के सभी दरवाजे जब बंद हो जाते हैं तो प्रभु का दरवाजा खुला रहता है,





